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ईरान संकट पर केंद्र पर बरसे डोटासरा, वीडियो में देंखे विदेश नीति पर उठाए सवाल

 

Govind Singh Dotasra ने ईरान संकट और देश में बढ़ती गैस-तेल की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के लिए केंद्र की कमजोर विदेश नीति जिम्मेदार है।

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डोटासरा ने कहा कि Iran के साथ बिगड़ते संबंधों का सीधा असर भारत पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी भारत का करीबी मित्र रहा ईरान अब देश की “फेल विदेश नीति” के कारण दूर हो गया है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने “नतमस्तक” होने की वजह से आज देश संकट में है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार Donald Trump को खुश करने में लगी हुई है, जबकि देश के हितों की अनदेखी की जा रही है।

डोटासरा के मुताबिक, Strait of Hormuz में इस समय 30 से 40 जहाज फंसे हुए हैं, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति पर भी केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि देश और प्रदेश में एलपीजी गैस की किल्लत चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर बाजार से गायब हैं, जबकि घरेलू गैस सिलेंडरों की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और व्यवसायों पर भी गहरा असर पड़ा है।

डोटासरा ने राज्य सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए पंचायत और निकाय चुनाव समय पर नहीं करवाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को टालना सही नहीं है और इससे जनता के अधिकार प्रभावित होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल प्रचार में लगे हुए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

फिलहाल, डोटासरा के इस बयान को राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इससे यह साफ है कि ईरान संकट और उससे जुड़े आर्थिक प्रभाव अब देश की आंतरिक राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं।