नेत्रहीनता को नहीं बनने दिया कमजोरी! UPSC में 91वीं रैंक हासिल कर जयपुर के मनु ने लिखी जज़्बे की नई कहानी
तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह जीवन में उपयोगी साबित हो सकती है। यूपीएससी के फाइनल रिजल्ट में जयपुर के 23 वर्षीय दृष्टिहीन मनु गर्ग ने 91वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया। शास्त्री नगर निवासी मनु गर्ग ने ब्रेल लिपि जाने बिना ही यूपीएससी पास कर लिया। मनु का कहना है कि उन्हें ब्रेल लिपि नहीं आती। लेकिन उन्होंने यूपीएससी पास करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया।
उन्होंने बताया कि तकनीक बहुत एडवांस हो गई है। उन्होंने कुछ सॉफ्टवेयर के जरिए पढ़ाई की जो उन्हें पढ़कर सुनाते थे। इसी तकनीक की मदद से उन्होंने तैयारी की। मनु ने बताया कि नौवीं क्लास में उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी। इसके बाद उनकी मां ने उन्हें हिम्मत दी। मां ही उनकी आंखों की रोशनी बनीं और उन्हें आगे बढ़ाया।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता
मनु ने बताया कि उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली। पहले प्रयास में वे असफल रहे, लेकिन इससे उन्हें प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि बचपन में जब वे चार साल के थे, तब उन्होंने पहली बार आईएएस का नाम सुना था। तभी से उन्होंने यूपीएससी पास करने की ठान ली थी। आईएएस बनकर मैं समाज का उत्थान कर सकूंगा और खुद का व्यक्तित्व भी निखार सकूंगा। जब भी मैं निराश होता था, मेरा परिवार मेरी ताकत बन जाता था।
मैं घंटों को नहीं देखता, बस टॉपिक को क्लियर करता रहता हूं
मनु ने बताया कि तैयारी के दौरान मैंने यह नहीं देखा कि मैं कितने घंटे पढ़ रहा हूं। मैं बस एक टॉपिक को क्लियर करने के लिए बैठ जाता हूं और तब तक नहीं उठता, जब तक वह क्लियर न हो जाए। चाहे उसे क्लियर करने में रात के 2 बज जाएं। मनु जेएनयू से पीएचडी कर रहे हैं।