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जेके लोन अस्पताल के डॉक्टरों ने 56 रुपए के इलाज से बचाई नवजात की जान, वीडियो में देंखे दुर्लभ बीमारी को दी मात

 

राजस्थान की राजधानी Jaipur स्थित JK Lon Hospital के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी और प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों ने मात्र 56 रुपए के बेहद कम लागत वाले इलाज से एक नवजात बच्चे की जान बचा ली, जो एक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रहा था।

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डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे को ‘ट्रांसकोबालामिन-2 डिफिशिएंसी’ नामक गंभीर आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी थी। यह बीमारी शरीर में विटामिन B12 के अवशोषण को प्रभावित करती है और समय पर इलाज न मिलने पर नवजात शिशु की जान के लिए घातक साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का दावा है कि अब तक दुनिया भर में इस बीमारी के केवल लगभग 60 मामले ही दर्ज किए गए हैं।

यह मामला एक ऐसे परिवार से जुड़ा है, जिसने पहले ही इस बीमारी के कारण अपने दो बच्चों को खो दिया था। परिवार के अनुसार, दोनों बच्चे जन्म के कुछ दिनों बाद ही कमजोर पड़ने लगे थे। एक बच्चा 40 दिन और दूसरा 55 दिन ही जीवित रह सका था। उस समय बीमारी की सही पहचान नहीं हो सकी थी।

इस बार तीसरे बच्चे के जन्म के बाद स्थिति गंभीर होने लगी, लेकिन समय रहते डॉक्टरों ने जेनेटिक जांच कर बीमारी की पहचान कर ली। सही इलाज शुरू होने के बाद बच्चे की हालत में सुधार आने लगा और उसकी जान बच गई।

बच्चे के पिता ने इस अनुभव को “चमत्कार” बताया। उन्होंने कहा कि इस बार सही समय पर सही इलाज मिलने से उनके परिवार की उम्मीदें फिर से जिंदा हो गईं। उन्होंने बताया कि पहले दो बच्चों की मौत ने उन्हें तोड़ दिया था, लेकिन इस बार डॉक्टरों की सतर्कता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया।

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी की पहचान जितनी जल्दी हो जाए, इलाज उतना ही प्रभावी होता है। समय पर दी गई थेरेपी और सही दवाइयों ने इस नवजात की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह मामला न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कम लागत और सही समय पर इलाज से भी गंभीर और दुर्लभ बीमारियों को हराया जा सकता है। डॉक्टरों की इस सफलता की चर्चा पूरे चिकित्सा समुदाय में हो रही है।