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विधानसभा में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने दिया गलत जवाब, फुटेज में देखें स्पीकर और विधायक ने लगाई टोक

 

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान डिप्टी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा चर्चा का केंद्र बने जब उन्होंने सवाल का जवाब देने के दौरान गलती कर दी। यह घटना लाडपुरा क्षेत्र की सड़क सुरक्षा मापदंडों के उल्लंघन से जुड़े सवाल के जवाब के दौरान हुई।

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भाजपा विधायक कल्पना देवी ने इस मामले में बैरवा से सवाल पूछा, लेकिन जवाब देते समय डिप्टी सीएम मूल सवाल की बजाय संभावित सप्लीमेंट्री सवाल का जवाब पढ़ने लगे। इस पर कल्पना देवी ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा, “यह तो मैंने अभी पूछा ही नहीं।”

घटना के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भी हस्तक्षेप किया और कहा कि मंत्री गलत जवाब पढ़ रहे हैं। स्पीकर ने स्पष्ट किया, “यह जवाब सही नहीं है। कृपया मूल सवाल का जवाब दें।”

इस पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने तत्काल अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी को भ्रमित करने का नहीं था। इस स्थिति पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए टिप्पणी की, “इन्हें पहले से ही सप्लीमेंट्री सवाल का पता कैसे लगा?” जूली की इस टिप्पणी ने विधानसभा में हल्का हँसी-ठिठोली का माहौल भी बना दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा में इस तरह की घटनाएं सामान्य हैं, खासकर जब सवालों और जवाबों की प्रक्रिया तेज होती है। हालांकि, विपक्ष इस मौके का इस्तेमाल कर सरकार की तैयारी और जवाबदेही पर सवाल उठा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रश्नकाल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सरकार अपने कार्यों के लिए विधानसभा में जवाबदेह हो और सभी सवालों के जवाब पारदर्शिता के साथ दिए जाएं। इस घटना में डिप्टी सीएम द्वारा तुरंत माफी मांगना यह दर्शाता है कि मंत्री ने अपनी गलती मानते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की।

घटना के बाद विधानसभा में हल्का तनाव और चर्चा का माहौल बना रहा। कई सदस्यों ने इसे राजनीतिक चतुराई और विपक्षी दलों द्वारा सवाल उठाने की रणनीति के रूप में भी देखा।

इस घटना ने यह भी संकेत दिया कि प्रश्नकाल के दौरान नेताओं को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहना पड़ता है। छोटे-छोटे भूल भी राजनीतिक बहस और मीडिया में चर्चा का कारण बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा की यह गलती एक हास्य और चेतावनी दोनों का संदेश देती है—साथ ही विपक्ष को सवाल उठाने और सरकार की जवाबदेही पर ध्यान देने का मौका भी मिला।