जयपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी सख्त, फुटेज में देखें धीमे प्रोजेक्ट्स पर अफसरों को लगाई फटकार
जयपुर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने गुरुवार को पर्यटन और कला एवं संस्कृति विभाग से जुड़े लंबित प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो योजनाएं तय समय पर पूरी नहीं हो रहीं, उनकी प्रगति को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिप्टी सीएम ने धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की अध्यक्षता में यह समीक्षा बैठक पर्यटन भवन में आयोजित की गई। बैठक के दौरान पर्यटन और कला एवं संस्कृति विभाग के पेंडिंग केसों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों से एक-एक प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट ली गई और जहां काम की रफ्तार संतोषजनक नहीं पाई गई, वहां जिम्मेदार अफसरों को चेतावनी दी गई।
बैठक में दीया कुमारी ने शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण को लेकर चल रहे कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं और इनके संरक्षण में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडावा को विरासत संरक्षण के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए एक ठोस और व्यावहारिक योजना तैयार की जाए, ताकि अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल को लागू किया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने राज्यभर में मौजूद ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। दीया कुमारी ने कहा कि बावड़ियां केवल जल संरचनाएं ही नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और स्थापत्य कला की पहचान हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बावड़ियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए अलग से योजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाए।
डिप्टी सीएम ने पर्यटन विकास को लेकर कहा कि विरासत संरक्षण और पर्यटन को आपस में जोड़कर ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन प्रोजेक्ट्स में तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुलझाया जाए। दीया कुमारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पर्यटन और संस्कृति से जुड़े कार्य जमीन पर नजर आएं और इसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता और पर्यटन उद्योग को मिले।
इस समीक्षा बैठक के जरिए उपमुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि अब काम में ढिलाई नहीं चलेगी और सभी विभागों को तय समयसीमा में परिणाम दिखाने होंगे।