जयपुर में साइबर ठगी: पुलिसकर्मी बनकर बुजुर्ग को धमकाया, वीडियो में जाने खाते से 5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए
जयपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर मुंबई से इलाज के लिए जयपुर आए एक बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया और कार्रवाई की धमकी देकर उसके बैंक खाते से 5 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने जवाहर सर्किल थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
होटल में ठहरे थे बुजुर्ग
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र गुर्जर के अनुसार, पीड़ित जयंत नारायण मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके के निवासी हैं। वह इलाज के सिलसिले में जयपुर आए थे। 10 सितंबर को वह जयपुर के रॉयल एम्पोरियल होटल में ठहरे हुए थे।इसी दौरान उनके मोबाइल नंबर पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
बैंक खाते में रकम जमा कराने की दी धमकी
आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि उनके बैंक खाते में मौजूद रकम मा कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मी बनकर बात कर रहे साइबर ठग ने बुजुर्ग को इस तरह डराया कि वह उसके झांसे में आ गए।इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से बैंक खाते से करीब 5 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
ठगी का पता चलने के बाद जयंत नारायण ने जवाहर सर्किल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो कॉल, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।पुलिस साइबर ठगी के इस तरीके की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने बुजुर्ग से संपर्क कैसे किया और किस तरह उन्हें डराकर रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिसकर्मी बनकर ठगी से रहें सावधान
साइबर ठगी के मामलों में आरोपी अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश की जाती है।पुलिस लगातार लोगों से अपील करती है कि किसी अनजान वीडियो कॉल या फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और डरकर किसी खाते में रकम ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत संबंधित पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।