राजस्थान दिवस पर सियासी तकरार, फुटेज में देंखे पीएम की शुभकामनाओं को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
राजस्थान दिवस को नई तिथि पर मनाने को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने राजस्थान दिवस की नई तिथि तय कर दी, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से इस अवसर पर कोई शुभकामना संदेश नहीं दिया गया।
जूली ने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने हिंदू नववर्ष के अनुसार चैत्र प्रतिपदा पर राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया है, तो क्या प्रधानमंत्री को इस नई तिथि की जानकारी नहीं थी? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस फैसले को लेकर केंद्र और राज्य के बीच कोई असहमति या नाराजगी है, जिसकी वजह से पीएम ने शुभकामनाएं नहीं दीं।
राजस्थान सरकार ने पिछले वर्ष तक 30 मार्च को मनाए जाने वाले राजस्थान स्थापना दिवस को बदलकर अब हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र प्रतिपदा के दिन मनाने का निर्णय लिया है। यह बदलाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा के बाद लागू किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की सांस्कृतिक और परंपरागत पहचान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि नई तिथि पर राजस्थान दिवस मनाने के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से कोई आधिकारिक बधाई न मिलना कई सवाल खड़े करता है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदेश के प्रति केंद्र सरकार के रवैये को दर्शाता है।
वहीं, भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मुद्दों पर सियासी बयानबाजी आम बात है और यह आगामी राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।
राजस्थान दिवस का महत्व राज्य की स्थापना और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। इस दिन राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और सरकारी समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक पहचान और गौरव को प्रदर्शित करना होता है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सियासी बहस जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।