केंद्र ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना बनाने से किया इनकार, एक्सक्लुसीव फुटेज में जानें राजस्थान के 17 जिलों को मिलेगा पानी
केंद्र सरकार ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने राजस्थान से भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत के सवाल के लिखित जवाब में दी।
राजेंद्र गहलोत ने केंद्रीय मंत्री से सवाल किया था कि ईआरसीपी की मौजूदा स्थिति क्या है और इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है या नहीं। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से जवाब देते हुए कहा कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में शामिल करने का कोई प्रस्ताव मंत्रालय में विचाराधीन नहीं है।
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट और पीकेसी लिंक परियोजना राजस्थान में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के अर्ध-शुष्क और जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है। हालांकि, राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने से परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता और केंद्रीय फंडिंग मिलती, जिससे इसके कार्यान्वयन में तेजी आ सकती थी।
राज्यसभा में सवाल पूछने वाले राजेंद्र गहलोत ने कहा कि ईआरसीपी का राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने से परियोजना की प्राथमिकता बढ़ती और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना आसान होता। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के किसानों और ग्रामीण इलाकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल मंत्रालय के पास ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में शामिल करने का मामला अभी विचाराधीन नहीं है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि केंद्र की तरफ से अभी इस परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता का दर्जा नहीं दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलने से न केवल परियोजना की फंडिंग में मदद मिलती है, बल्कि इसके कार्यान्वयन की गति और गुणवत्ता भी सुधरती है। वहीं, इस परियोजना को राज्य की प्राथमिकता के तौर पर ही आगे बढ़ाया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार को ही फंडिंग और निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
राजस्थान सरकार और राज्य के सांसद इस मुद्दे पर लगातार केंद्र से बातचीत करते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए क्या कदम उठाती है और किसानों और ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाती है।
ईआरसीपी और पीकेसी लिंक परियोजना के सफल कार्यान्वयन से राज्य के कृषि और जल प्रबंधन क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, बावजूद इसके कि केंद्र ने अभी इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया है।