जयपुर में जमीन और मकान खरीदना होगा महंगा, वीडियो में जाने DLC दरों में 49% तक बढ़ोतरी को मंजूरी
राजधानी जयपुर में जमीन और मकान खरीदना अब महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार ने जमीनों की डीएलसी (District Level Committee) दरों में जुलाई महीने से 5 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक बढ़ोतरी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जयपुर कलेक्ट्रेट में सोमवार को कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की नई डीएलसी दरों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सभी सब-रजिस्ट्रार ने अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनों के बाजार मूल्य के आधार पर प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
शहरी इलाकों में 40% तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव
बैठक में सामने आए प्रस्तावों के अनुसार, जयपुर के ज्यादातर शहरी क्षेत्रों में जमीनों की डीएलसी दरों में करीब 40 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।वहीं ग्रामीण इलाकों में भी कई स्थानों पर जमीन की दरों में 35 फीसदी तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव आए हैं।
कुछ कॉलोनियों में 49% तक बढ़ सकती हैं दरें
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से आए बढ़ोतरी के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई।जहां ज्यादातर क्षेत्रों में 5 से 40 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है, वहीं कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में डीएलसी दरों में 49 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।
4 महीने में दूसरी बार बढ़ेंगी डीएलसी दरें
जयपुर में यह डीएलसी दरों में बढ़ोतरी का दूसरा बड़ा बदलाव होगा। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी जमीनों की डीएलसी दरों में वृद्धि की गई थी।लगातार बढ़ रही डीएलसी दरों का सीधा असर जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर पड़ेगा। इससे खरीदारों को स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के रूप में पहले से अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।
प्रॉपर्टी बाजार पर पड़ेगा असर
रियल एस्टेट से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि डीएलसी दरों में बढ़ोतरी से सरकारी राजस्व में इजाफा होगा, लेकिन इसका असर प्रॉपर्टी की कुल लागत पर भी दिखाई देगा। जमीन खरीदने वाले लोगों और निवेशकों को अब ज्यादा बजट की जरूरत पड़ सकती है।