राजस्थान में बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, वीडियो में देखें परिवहन विभाग के विरोध में सड़कें सूनी
राजस्थान में निजी बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जो अब पूरे प्रदेश में परिवहन सेवा को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। निजी बसों के संचालन ठप होने से सड़कों पर यातायात सन्नाटा जैसा रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
🚌 किन बसों का संचालन बंद हुआ?
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कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, स्टेज कैरिज, स्लीपर और अन्य लगभग 35,000 निजी बसें सड़कों से हटा दी गई हैं।
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इन बसों के बंद होने से लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां रोडवेज बसों की भी सेवाएँ सीमित हैं।
📍 प्रदर्शन का कारण — परिवहन विभाग की कार्रवाई
ऑपरेटर्स का कहना है कि आरटीओ और डीटीओ अधिकारियों की सख्ती और उनके खिलाफ बढ़ रहे चालान तथा RC (वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र) निलंबन जैसी कार्रवाईयों के कारण वह मजबूरन इस हड़ताल पर गए हैं।
वे यह भी आरोप लगा रहे हैं कि नई नियमावली और निरीक्षण के कारण उनके व्यवसाय पर आर्थिक दबाव और प्रताड़ना बढ़ी है।
⚠️ व्यापक प्रभाव — यात्री फंसे, पीएम रैली प्रभावित
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यात्रियों का आवागमन मुश्किल हो गया है; कई लोग बस स्टैंड पर फंसे हैं और वैकल्पिक साधन खोजने को मजबूर हैं।
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28 फरवरी को अजमेर में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली के लिए निजी बसें उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी, जिसका आयोजन और यात्रियों के लिए असर बढ़ सकता है।
🚖 टैक्सी ऑपरेटर्स का समर्थन
टैक्सी ऑपरेटर्स ने भी बस हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे पूरे परिवहन सेक्टर में आंदोलन का व्यापक स्वरूप देखने को मिल रहा है।
🪧 प्रदर्शन की मांगें
मुख्य मांगों में शामिल हैं:
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RC सस्पेंड किए हुए बसों की बहाली।
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यातायात नियमों के मनमाने लागू होने वाले जुर्माने और सीज़िंग पर रोक।
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बसों और टैक्सियों पर लगे अतिरिक्त शुल्क और प्रतिबंधों में छूट।
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मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153 के प्रावधानों के सख्त उपयोग पर राहत।