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पेंशन बनाने के नाम पर 10 हजार की घूस, फुटेज में जाने एसीबी ने AAO को रंगे हाथों दबोचा, पूछताछ जारी

 

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पेंशन विभाग के एक सहायक लेखाधिकारी (AAO) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी पेंशन स्वीकृत करने की एवज में 10 हजार रुपये की घूस मांग रहा था। एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में उसे रकम लेते ही दबोच लिया गया।

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गिरफ्तार आरोपी की पहचान पेंशन विभाग के AAO (द्वितीय) राजेश कुमार खण्डेलवाल के रूप में हुई है। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने ब्यूरो से संपर्क कर बताया था कि उसके पिता के निधन के बाद मां की पेंशन प्रक्रिया लंबित है। फाइल आगे बढ़ाने और पेंशन जारी करने के बदले आरोपी अधिकारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी ने पूरी पेंशन स्वीकृत करने के लिए 10 हजार रुपये और बकाया एरियर जारी करने के बदले एरियर राशि का 10 प्रतिशत अतिरिक्त घूस की मांग की थी। इतना ही नहीं, वह बार-बार दबाव बनाकर पैसे देने के लिए मजबूर कर रहा था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने पहले शिकायत का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप योजना बनाई गई। तय योजना के तहत परिवादी को आरोपी के पास रिश्वत की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने 10 हजार रुपये की रकम ली, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी शामिल तो नहीं है।

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आम जनता से जुड़े मामलों, खासकर पेंशन जैसी संवेदनशील सेवाओं में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ब्यूरो की हेल्पलाइन और शिकायत तंत्र 24 घंटे सक्रिय है।