जयपुर में CM ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में देंखे सचिवालय में मचा हड़कंप; 4.5 घंटे की तलाशी के बाद राहत
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस कंट्रोल रूम में सुबह करीब 10:30 बजे धमकी भरा कॉल आया। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मुख्यमंत्री कार्यालय तथा सचिवालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीसीपी साउथ राजर्षि राज भी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद परिसर में व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
डॉग स्क्वायड और ATS ने चलाया सर्च ऑपरेशन
मुख्यमंत्री कार्यालय में धमकी मिलने के बाद डॉग स्क्वायड, एटीएस और एसडीआरएफ सहित कई सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे परिसर और आसपास के संभावित संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की गई।करीब साढ़े चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने हर हिस्से की तलाशी ली। बम निरोधक दस्ते और प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई। हालांकि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।तलाशी अभियान पूरा होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बावजूद धमकी भरे कॉल को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
प्रताप नगर से आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के मुताबिक पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 38 वर्षीय लाला कोठयारी के रूप में हुई है, जो सवाई माधोपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे प्रताप नगर इलाके से पकड़ा।पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर नशे की हालत में मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही धमकी देने की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा
धमकी भरा कॉल मिलने के बाद सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की गहन जांच करने के साथ संभावित सुरक्षा खामियों का भी जायजा लिया।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने किस उद्देश्य से धमकी दी थी। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वास्तव में उसी व्यक्ति ने किया था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति शामिल है। करीब साढ़े चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने से बड़ी राहत मिली है। हालांकि घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच में जुटी हैं।