बेनीवाल के बयान पर बीजेपी का तीखा पलटवार, वीडियो में मदन राठौड़ बोले- ऐसी भाषा पर जनता सिखाएगी सबक
राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी का स्तर लगातार तीखा होता जा रहा है। सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य मंत्रिमंडल को लेकर दिए गए बयान पर अब बीजेपी ने जोरदार पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बेनीवाल की शब्दावली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता उन्हें इस तरह की भाषा के लिए जवाब देगी।
मदन राठौड़ ने कहा कि आजकल राजनीति में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हो रहा है, वह बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए, लेकिन कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए स्तरहीन बयानबाजी कर रहे हैं।दरअसल, हनुमान बेनीवाल ने हाल ही में राज्य सरकार और मंत्रिमंडल पर हमला बोलते हुए कथित तौर पर मंत्रियों को “मूर्खों का मंत्रिमंडल” कहा था। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसी बयान को लेकर अब बीजेपी हमलावर हो गई है।
मदन राठौड़ ने बेनीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “हनुमान बेनीवाल की अक्ल को क्या हो गया है? क्या उनके पास शब्द खत्म हो गए हैं? क्या शब्दकोश में अकाल पड़ गया है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए इस तरह की भाषा इस्तेमाल की जा रही है?”उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन आलोचना और अपमान में फर्क होता है। किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग राजनीतिक संस्कृति को नुकसान पहुंचाता है।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि राजस्थान की जनता राजनीति में मर्यादा और सम्मान चाहती है। उन्होंने दावा किया कि लोग इस तरह की बयानबाजी को पसंद नहीं करेंगे और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे।बेनीवाल के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में माहौल और गर्म हो गया है। बीजेपी नेताओं ने जहां इसे असभ्य राजनीति बताया है, वहीं आरएलपी समर्थक इसे सरकार के खिलाफ आक्रामक विपक्ष की आवाज बता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में आगामी राजनीतिक समीकरणों और आंदोलनों के बीच बयानबाजी का स्तर लगातार आक्रामक होता जा रहा है। खासकर विपक्ष और सरकार के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंचती दिखाई दे रही है।हालांकि हनुमान बेनीवाल की ओर से बीजेपी के पलटवार पर फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह बयानबाजी और तेज हो सकती है।फिलहाल इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है कि राजनीतिक विरोध के बीच नेताओं की भाषा और मर्यादा की सीमा क्या होनी चाहिए।