WFH को लेकर बड़ा अपडेट: यूपी के बाद राजस्थान सरकार का एक्शन, जारी हुए नए निर्देश; कामकाज में हो सकता है बदलाव
प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन के बाद वर्क फ्रॉम होम (WFH) मॉडल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में कुछ विभागों में WFH व्यवस्था लागू होने के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है और नए निर्देश जारी किए हैं।
राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुछ चयनित विभागों और परिस्थितियों में कर्मचारियों को सीमित समय के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में लचीलापन लाना और डिजिटल कार्य प्रणाली को मजबूत करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह व्यवस्था खासकर उन विभागों में लागू हो सकती है जहां कामकाज पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संभव है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति, मौसम संबंधी परिस्थितियों या विशेष परिस्थितियों में भी WFH विकल्प पर विचार किया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से न केवल कामकाज की गति में सुधार होगा, बल्कि कार्यालयों पर दबाव भी कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही ई-गवर्नेंस और पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नहीं होगी और विभागीय जरूरतों के आधार पर ही इसे लागू किया जाएगा। फील्ड ड्यूटी और आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
कर्मचारी संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि इससे काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बेहतर हो सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था को लागू करते समय निगरानी और जवाबदेही के स्पष्ट नियम जरूरी होंगे।