जयपुर में पेट्रोल पंपों पर बड़ा खुलासा: कम ईंधन देकर पूरी वसूली, 12 नोजल सीज
जयपुर में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों से पूरा पैसा लेने के बावजूद कम पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा था।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया, जिसमें तीन पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी पाई गई। जांच के दौरान सामने आया कि डिस्पेंसिंग मशीनों (नोजल) में छेड़छाड़ कर ईंधन की मात्रा कम दी जा रही थी।
कार्रवाई करते हुए विभाग ने इन पेट्रोल पंपों के कुल 12 नोजल सीज कर दिए हैं। साथ ही संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की अनियमितता उपभोक्ता अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि ईंधन की मात्रा में कमी करने के लिए तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की गई थी, जिससे हर लेनदेन में उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा था। यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही होने की आशंका जताई जा रही है।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी शहर और प्रदेशभर में ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। साथ ही अन्य पेट्रोल पंप संचालकों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।
उपभोक्ता संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने मांग की है कि दोषी पाए जाने वाले पेट्रोल पंपों के लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है और पेट्रोल भरवाते समय मीटर पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत तुरंत संबंधित विभाग को करनी चाहिए।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई के बिना उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा संभव नहीं है। फिलहाल विभाग की कार्रवाई के बाद शहर के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी सतर्कता बढ़ गई है।