प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, वीडियो में जानें कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के खुलासे के बाद एफआईआर दर्ज
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घोटाले का खुलासा राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शनिवार को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला राजस्थान के सालासर स्थित State Bank of India (SBI) की शाखा से जुड़ा हुआ है।
बैंक अधिकारियों और बीमा कंपनी पर मिलीभगत का आरोप
प्राथमिक जानकारी के अनुसार सालासर शाखा के शाखा प्रबंधक उमेश कुमार सारस्वत, बैंक कर्मचारी भागीरथ नायक सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने Agriculture Insurance Company of India Limited के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी फसल बीमा पॉलिसियां जारी कीं।
बताया जा रहा है कि इन फर्जी पॉलिसियों के जरिए करोड़ों रुपये के बीमा क्लेम लेने की तैयारी की गई थी। यह पूरा खेल कागजी दस्तावेजों में हेरफेर कर किया गया, जिससे सरकारी योजना का गलत फायदा उठाया जा सके।
मंत्री के खुलासे के बाद मचा हड़कंप
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले का खुलासा करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद तत्काल पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच, दस्तावेज खंगाले जा रहे
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बैंक रिकॉर्ड, बीमा पॉलिसियों के दस्तावेज और क्लेम से जुड़े कागजातों की जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह घोटाला कितने करोड़ रुपये का है, इसका सही आंकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
किसानों के नाम पर हो रहा था खेल
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। लेकिन इस योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने से यह साफ हो गया है कि कुछ लोग किसानों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने में लगे थे।
इस मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया है।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।