जयपुर में बड़ा साइबर फ्रॉड, भंडारी हॉस्पिटल से 80–90 लाख की हेराफेरी; वीडियो में जाने कार्यकारी सहायक गिरफ्तार
राजस्थान के Jaipur में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले का खुलासा करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह मामला शहर के एक निजी अस्पताल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार सोनी, पुत्र राजेन्द्र कुमार सोनी के रूप में हुई है। वह Bhandari Hospital में कार्यकारी सहायक के पद पर कार्यरत था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मरीजों से प्राप्त होने वाली राशि को अस्पताल के आधिकारिक खातों में जमा कराने के बजाय अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। शुरुआती जांच के अनुसार यह राशि लगभग 80 से 90 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला लंबे समय से चल रहे वित्तीय लेन-देन की निगरानी के दौरान सामने आया, जब अस्पताल के खातों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेल के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच में यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी ने यह रकम अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर की थी, ताकि किसी को तुरंत शक न हो सके। फिलहाल पुलिस बैंक खातों, लेन-देन रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कितने समय से यह गड़बड़ी चल रही थी।
साइबर पुलिस ने कहा है कि वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में डिजिटल ट्रैकिंग और बैंकिंग डेटा की मदद से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पेश किया जाएगा। यह मामला जयपुर के निजी अस्पतालों में वित्तीय सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।