जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग पर बड़ा एक्शन, वीडियो में देखें 222 घरेलू सिलेंडर समेत भारी मात्रा में सामान जब्त
राजधानी जयपुर में अवैध गैस रिफिलिंग और अनधिकृत गैस कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। सोमवार को जिला रसद अधिकारी कार्यालय की ओर से ‘ऑपरेशन प्रवर्तन’ के तहत विशेष छापेमारी की गई, जिसमें भारी मात्रा में घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडर सहित कई उपकरण और वाहन जब्त किए गए। कार्रवाई से अवैध गैस कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण के नेतृत्व में गठित विशेष सतर्कता दलों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ चार स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों को पहले से अवैध रिफिलिंग और गैस की कालाबाजारी की सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से 222 घरेलू गैस सिलेंडर और 2 व्यवसायिक सिलेंडर जब्त किए। इसके अलावा गैस के अवैध परिवहन और वितरण में इस्तेमाल हो रहे 2 पिकअप वाहन और 2 मोटरसाइकिल भी सीज की गईं। अधिकारियों ने बताया कि इन वाहनों के जरिए सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान 23 अप्रमाणित छोटे गैस सिलेंडर, 1 अवैध रिफिलिंग जुगाड़ मशीन, 2 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 3 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) और 1 रेगुलेटर मय पाइप भी बरामद किए गए। ये सभी उपकरण घरेलू गैस को अवैध रूप से छोटे सिलेंडरों में भरने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक है।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की अवैध रिफिलिंग से न सिर्फ गैस कंपनियों को राजस्व नुकसान होता है, बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। बिना मानकों के भरे गए सिलेंडरों में गैस रिसाव या विस्फोट की आशंका रहती है, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जांच में सामने आया कि कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे थे और अधिक कीमत पर बेच रहे थे। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ भी धोखाधड़ी है।
इस मामले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त 5 लोगों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण ने कहा कि अवैध गैस कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधि नजर आए तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।