जयपुर में भीम सेना का समान नागरिक संहिता बिल समर्थन में प्रदर्शन, वीडियो में देंखे पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प
देशभर में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, ऐसे में राजधानी जयपुर में आज भीम सेना के नेतृत्व में बिल के समर्थन में प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शहीद स्मारक पर आयोजित किया गया।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने एससी, एसटी और ओबीसी समाज के अधिकारों और समान नागरिक संहिता के समर्थन में आवाज उठाई। शाम के समय प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें शहीद स्मारक पर ही रोक दिया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर संगठन का झंडा लहराने लगे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद नीचे उतारा। मौके पर जमकर नारेबाजी भी हुई और प्रदर्शनकारी अपने समर्थन का संदेश जोरदार ढंग से दे रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी था, लेकिन जब कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े, तब उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर रखे थे।
भीम सेना के नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य समान नागरिक संहिता बिल का समर्थन करना और समाज के विभिन्न वर्गों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और केवल बिल के पक्ष में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि देशभर में UCC बिल को लेकर जारी बहस और प्रदर्शन, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर कई तरह के प्रतिक्रियाओं को जन्म दे रहे हैं। ऐसे प्रदर्शन जहां विरोध होता है, वहीं कुछ संगठन इसे समर्थन देने के लिए भी सामने आ रहे हैं। जयपुर का यह प्रदर्शन इसी समर्थन की झलक पेश करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहीद स्मारक पर हुए प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए सड़क यातायात प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखकर किसी बड़े विवाद को रोका। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान संयम बनाए रखें और किसी तरह की अफवाह या हिंसा से दूर रहें।
कुल मिलाकर, जयपुर में भीम सेना के नेतृत्व में समान नागरिक संहिता बिल के समर्थन में हुआ यह प्रदर्शन शांति और जागरूकता दोनों का संदेश देने वाला था। हालांकि पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई हल्की झड़प ने स्थिति को थोड़ी तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखना प्राथमिकता है।