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अंता उपचुनाव में हार के बाद मोरपाल सुमन को भाजपा का कारण बताओ नोटिस, वीडियो में जानें बयानबाजी पर मांगा जवाब

 

राजस्थान की अंता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से जारी नोटिस में तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

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नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि उनका कृत्य पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। पत्र में उल्लेख किया गया, “आपका कृत्य पार्टी अनुशासनहीनता की परिभाषा में आता है। इस कृत्य के लिए आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। यदि आपको कोई स्पष्टीकरण देना हो तो आज से तीन दिन के भीतर लिखित में प्रस्तुत करें।”

दरअसल, कुछ दिन पहले मोरपाल सुमन ने भाजपा जिलाध्यक्ष, बारां को एक पत्र लिखकर अपनी चुनावी हार की समीक्षा की थी। इस पत्र में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगा दिए थे। सुमन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित जिले के तीन विधायकों और संगठन के कुछ पदाधिकारियों पर चुनाव में सहयोग नहीं करने और भीतरघात का आरोप लगाया था।

उन्होंने अपने पत्र में दावा किया था कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ पार्टी के ही लोगों ने काम किया, जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, सुमन ने यह भी आरोप लगाया कि ओम बिरला की टीम ने उनके विरोध में सक्रिय भूमिका निभाई और बड़े नेताओं के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित किया गया।

पत्र में उन्होंने लिखा था कि बारां के कुछ प्रभावशाली नेताओं को बड़ी राशि उपलब्ध कराकर मतदाताओं को प्रलोभन दिया गया, जिससे कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया को लाभ मिला और उनकी जीत सुनिश्चित हुई। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पार्टी में अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से इस तरह के आरोप लगाने को भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। संगठन का मानना है कि इस प्रकार की बयानबाजी से पार्टी की छवि प्रभावित होती है और अनुशासन भंग होता है। इसी के चलते मोरपाल सुमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर है कि सुमन अपने स्पष्टीकरण में क्या जवाब देते हैं और पार्टी आगे क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल यह मामला भाजपा के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता के लिए अहम माना जा रहा है।