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जयपुर में तीन किलो चांदी से बनी अनोखी शादी का निमंत्रण, 25 लाख में तैयार हुआ एक साल का काम

 

जयपुर के व्यवसायी शिव जौहरी ने अपनी बेटी की शादी को यादगार बनाने के लिए अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने तीन किलो शुद्ध चांदी से एक विशेष विवाह निमंत्रण कार्ड तैयार कराया, जिसकी लागत करीब 25 लाख रुपए बताई जा रही है। यह कार्ड तैयार होने में लगभग एक साल का समय लगा।

विशेष रूप से तैयार किए गए इस निमंत्रण कार्ड में भारतीय पौराणिकता और कला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। कार्ड पर 65 देवी-देवताओं की सूक्ष्म प्रतिमाएं उकेरी गई हैं। इसके अलावा, कृष्ण लीलाओं और भगवान विष्णु के दस अवतारों को भी बारीकी से अंकित किया गया है। यह अनूठा कार्ड पारंपरिक और आधुनिक कला का अद्वितीय उदाहरण है।

शिव जौहरी ने कहा कि उन्होंने यह निमंत्रण इसलिए तैयार करवाया ताकि शादी का यह समारोह और भी यादगार बन सके। उन्होंने बताया कि यह केवल एक निमंत्रण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और कला का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्ड मेहमानों और समाज में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का चांदी से बना विवाह निमंत्रण अपने आप में बेहद अनोखा और कलात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। चांदी के उपयोग और सूक्ष्म नक़्क़ाशी ने इसे न केवल सौंदर्यपूर्ण बनाया है, बल्कि इसे एक मूल्यवान संग्रहणीय वस्तु भी बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के निमंत्रण समारोह की भव्यता और महत्व को बढ़ाते हैं।

कला और शिल्प के जानकारों ने इस कार्ड की सूक्ष्मता और विस्तार को देखकर इसकी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की नक़्क़ाशी और कला का स्तर आमतौर पर संग्रहालयों और कलाकृतियों में देखा जाता है, लेकिन विवाह समारोह के लिए इसका उपयोग इसे विशेष बनाता है।

शादी में आने वाले मेहमानों को यह निमंत्रण प्राप्त करने का अवसर भी विशेष अनुभव देगा। यह केवल एक आम निमंत्रण नहीं है, बल्कि संस्कृति और पौराणिक कथाओं का प्रतीक है। इस कार्ड ने राजस्थान की कला और संस्कृति को एक नया आयाम दिया है।

इस पहल से यह भी संदेश मिलता है कि परंपरा और आधुनिकता का संगम किसी भी अवसर को और भी भव्य और यादगार बना सकता है। शिव जौहरी का यह कदम समाज और व्यवसायिक समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजस्थान के अन्य परिवारों और आयोजकों के लिए यह कार्ड एक प्रेरणा भी बन सकता है, कि वे अपने समारोहों में कला, संस्कृति और व्यक्तिगत स्पर्श को शामिल कर उन्हें और भी विशेष बना सकते हैं।

इस प्रकार, शिव जौहरी का तीन किलो चांदी से बना विवाह निमंत्रण न केवल उसकी भव्यता के कारण चर्चित है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और कलात्मक दृष्टिकोण का भी प्रतीक बन गया है।