जयपुर में पहली बार प्रदर्शित हुआ अद्भुत 100 किलो का दुर्लभ रत्न, वीडियो में जाने दिखती है कैलाश पर्वत और त्रिदेव की आकृति
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बेहद दुर्लभ और अनोखा रत्न पहली बार लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया। इस खास रत्न को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, क्योंकि इसकी आकृति हिमालय स्थित कैलाश पर्वत जैसी दिखाई देती है। इतना ही नहीं, इसके भीतर प्राकृतिक रूप से बनी संरचनाओं में स्वयंभू ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव के स्वरूप का आभास भी होता है।यह दुर्लभ रत्न जयपुर स्थित Khazana Mahal Gem and Jewellery Museum में प्रदर्शित किया गया है। म्यूजियम प्रशासन के अनुसार यह एक सिंगल पीस अमेथिस्ट एगेट (Amethyst Agate) है, जिसे विशेष रूप से ब्राजील से लाया गया है। इस रत्न का वजन करीब 100 किलो बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह रत्न प्राकृतिक रूप से तीन जुड़े हुए हिस्सों में विकसित हुआ है, जो इसे बेहद खास और दुर्लभ बनाता है। इसकी संरचना देखने पर कैलाश पर्वत जैसी प्रतीत होती है, जबकि अंदर मौजूद चमकदार क्रिस्टल संरचनाएं त्रिदेव के स्वरूप का एहसास कराती हैं। इसी वजह से यह रत्न केवल भूगर्भीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।म्यूजियम प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के रत्न दुनिया में बहुत कम देखने को मिलते हैं। प्राकृतिक रूप से इतनी विशिष्ट आकृति और संरचना का बनना अपने आप में एक अनोखी घटना मानी जाती है। यही कारण है कि इस प्रदर्शनी को देखने के लिए रत्न विशेषज्ञों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आ रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी में लोगों ने रत्न को बेहद ध्यान से देखा और उसकी तस्वीरें भी लीं। कई लोगों ने इसे प्रकृति का चमत्कार बताया, जबकि कुछ ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा हुआ माना।जयपुर लंबे समय से रत्न और आभूषणों के वैश्विक केंद्र के रूप में पहचान रखता है। ऐसे में इस दुर्लभ अमेथिस्ट एगेट का प्रदर्शन शहर के सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेथिस्ट एगेट अपनी खूबसूरती और ऊर्जा गुणों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस तरह की प्राकृतिक आकृति वाला विशाल सिंगल पीस मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है। यही वजह है कि यह रत्न लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। फिलहाल खजाना महल जेम एंड ज्वेलरी म्यूजियम में इस दुर्लभ रत्न को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है और यह प्रदर्शनी जयपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है।