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जयपुर में बसेगा आधुनिक गांव, एक्सक्लुसीव फुटेज में देखें जेन जी के लिए चौपाल फूड कोर्ट, हवेलियों की झलक, मेन्यू में दाल बाटी के साथ मैक्रोनी, पास्ता

 

राजधानी जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र का शिल्पग्राम अब नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। राजस्थान सरकार ने इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक स्थल को फिर से विकसित करने की योजना तैयार की है, जिसके तहत लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य शिल्पग्राम को एक ऐसा जीवंत सांस्कृतिक केंद्र बनाना है, जहां राजस्थान की समृद्ध लोक कला, हस्तशिल्प, संगीत, खानपान और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके।

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9 एकड़ में होगा व्यापक विकास

इस परियोजना के तहत करीब 9 एकड़ क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा। यहां कुल 24 हैंडीक्राफ्ट शॉप्स बनाई जाएंगी, जहां राजस्थान के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही एक आर्टिस्ट रेजिडेंसी भी विकसित की जाएगी, जहां देश-विदेश के कलाकार रहकर अपनी कला का सृजन और प्रदर्शन कर सकेंगे।

 हाट बाजार और सांस्कृतिक अनुभव केंद्र

शिल्पग्राम में एक विशेष हाट बाजार भी विकसित किया जाएगा, जो पारंपरिक राजस्थानी बाजार शैली पर आधारित होगा। इसे आंगन आधारित डिजाइन में तैयार किया जाएगा, ताकि आगंतुकों को ग्रामीण राजस्थान का वास्तविक अनुभव मिल सके। यहां लोक कला प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

आधुनिक फूड कोर्ट और यूथ फ्रेंडली सुविधाएं

परियोजना में एक आधुनिक फूड कोर्ट भी शामिल किया गया है, जिसका मेन्यू विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। इसमें राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ आधुनिक खानपान के विकल्प भी उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, युवा वर्ग और जेन-जी को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं भी डिजाइन की जा रही हैं, जिससे यह स्थान केवल सांस्कृतिक ही नहीं बल्कि युवाओं के लिए आकर्षक गंतव्य भी बने।

संस्कृति और आधुनिकता का संगम

सरकार का लक्ष्य शिल्पग्राम को एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिले। यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को भी नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।