जयपुर में बिजली चोरी के 6 मामले पकड़े गए, वीडियो में जाने रिमोट से मीटर कंट्रोल कर रहा था उपभोक्ता; डिस्कॉम ने लगाया 6.60 लाख का जुर्माना
राजधानी जयपुर में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जयपुर डिस्कॉम की विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी के छह मामलों का खुलासा किया है। इनमें एक उपभोक्ता बेहद शातिर तरीके से बिजली मीटर में विशेष डिवाइस लगाकर रिमोट के जरिए बिजली चोरी कर रहा था, जबकि पांच अन्य उपभोक्ता अवैध तार जोड़कर बिजली का उपयोग करते पाए गए। डिस्कॉम ने सभी मामलों में कुल 6 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और संबंधित बिजली कनेक्शन भी काट दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, जयपुर डिस्कॉम की विजिलेंस टीम ने मंगलवार को कुंडा की ढाणी और नला पावर हाउस क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई घरों और बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की गई। इसी दौरान टीम को एक ऐसे उपभोक्ता का मामला मिला, जिसने बिजली मीटर में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर मीटर की रीडिंग को प्रभावित करने की व्यवस्था कर रखी थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी रिमोट कंट्रोल की मदद से मीटर की कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप कर रहा था, जिससे वास्तविक बिजली खपत दर्ज नहीं हो रही थी। इस तरीके से वह लंबे समय से बिजली बिल कम कराने और अवैध रूप से बिजली उपयोग करने का प्रयास कर रहा था। विजिलेंस टीम ने मौके से मीटर और रिमोट कंट्रोल को जब्त कर लिया है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि डिवाइस किस प्रकार काम कर रही थी और कितने समय से इसका इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अलावा पांच अन्य मामलों में उपभोक्ता सीधे अवैध तारों के जरिए बिजली का उपयोग करते मिले। जांच टीम ने पाया कि इन घरों में बिजली लाइन से सीधे केबल जोड़कर मीटर को दरकिनार किया गया था। इससे डिस्कॉम को राजस्व का नुकसान हो रहा था। टीम ने मौके से अवैध केबल भी जब्त कर लिए हैं।
डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, सभी छह मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 6 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही आरोपियों के बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काट दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जुर्माना जमा करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे विद्युत वितरण व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बिजली चोरी के कारण ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ता है और डिस्कॉम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
जयपुर डिस्कॉम ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आधुनिक तकनीक और विशेष निगरानी तंत्र के जरिए संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान की जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली का उपयोग वैध तरीके से करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तुरंत डिस्कॉम को दें।विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई को बिजली चोरी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि विद्युत व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।