जयपुर में CJP फाउंडर से मारपीट मामले के 5 आरोपियों को जमानत, वीडियो में जाने 20-20 हजार के बॉन्ड पर मिली राहत
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई है। पुलिस द्वारा शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को मंगलवार को जमानत दे दी गई। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के साथ ही छह-छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए पाबंद भी किया है।
मामला सोमवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया था। प्रदर्शन के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। घटना के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति भी बन गई, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने पांच लोगों को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया था। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट बसंत पारीक ने बताया कि पुलिस ने पांचों आरोपियों को शांति भंग की आशंका के तहत गिरफ्तार किया था। मंगलवार को न्यायालय ने सभी आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। साथ ही अदालत ने उन्हें छह महीने तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश भी दिए हैं।
बताया जा रहा है कि शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान अभिजीत दीपके और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद की शुरुआत किन कारणों से हुई थी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।फिलहाल पांचों आरोपियों को जमानत मिलने के बाद मामला शांत होता दिखाई दे रहा है, लेकिन पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अभिजीत दीपके की ओर से इस घटना को लेकर क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे, इस पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर मामले में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।