Indore में श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इंदौर में एक साप्ताहिक कार्यक्रम
मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क,श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर के साप्ताहिक रचना पाठ, गोष्ठी ‘सृजन विविधा’ में शुक्रवार को काफी संख्या में साहित्यकार उपस्थित हुए। जिन्होंने होली, प्रकृति, समाज, राजनीति, व्यंग्य आदि विषयों पर अपनी रचनाएं सुनाई। जिनको सुनकर लगा कि जैसे सृजन विविधा विविध रंगों में रंग गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रधानमंत्री अरविन्द जवलेकर ने एवं संचालन साहित्य मंत्री डॉ. पद्मा सिंह ने किया। प्रचारमंत्री हरेराम वाजपेयी ने इस अवसर पर प्रस्तुत की गई रचनाओं का सारांश बताते हुए कहा कि युवा कवियित्री जाह्नवी पाल ने अपनी रचना में ‘प्रेम रस की बांसुरी बजाना तुम, मैं तुम्हारी पुकार पर दौड़ती आऊंगी...’। वहीं 13 वर्षीय बालक ब्रज जैन ने अपनी कहानी ‘चिकी बिना देखे’ सुनाकर वाह-वाही प्राप्त की। डॉ. आरती दुबे ने ‘नहीं मिलती तुक’, सुषमा राजनिधि की रचना ‘घर से जाती बेटियां’, मणिमाला शर्मा ‘मांगों उसी से जो दे सके खुशी’, सदाशिव कौतुक, किशोर यादव की होली पर रचित कविताएं, मदनलाल अग्रवाल की ‘सांस बहू की नोकझोंक मालवी में’ ने तालियां बटोरी।
अन्य विषयों में डॉ. किरण पांचाल की रचना ‘भर दुआ झोलियों में संवर जायेगा’, कृष्णकांता की रचना ‘गीत लिखे पर गा न सकी’, मनीषा व्यास का गीत ‘गीत भी हूं मैं तुम्हारा गजल बनना चाहती हूं’। अन्य भावों को प्रस्तुत करती हुई डॉ. आरती वर्मा की रचना ‘सोचती हूं’, डॉ. मेजर महेश गुप्ता का ‘जुगनू’ दिलीप रामचन्द्र नीमा की लघुकथा ‘मीना का डर’, देश की आजादी से संबंधित अमर सिंह मानावत की रचना डॉ. डी.सी. गुप्ता की रचना ‘ए भारत के वीर जवानों’ संतोष त्रिपाठी का गीत ‘तूफानों से टकराना है’ युवा शुभम तिवारी की रचना ‘राम मंदिर का इतिहास’, सुनीता श्रीवास्तव की रचना ‘वो अंधेरी रात और घुड़सवार’ तथा जितेंद्र मानव की भाव भरी रचना ‘मैं छोटा तुलसी का गढ़वा’ पसंद की गई।
इंदौर न्यूज़ डेस्क !!!