Gorakhpur असुरन-पिपराइच रोड होगी फोरलेन
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क असुरन से पिपराइच रोड तक 19.48 किमी फोरलेन बनेगी. लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मुख्यालय को भेज दी है. मुख्यालय में तकनीकी परीक्षण के बाद इसे शासन में मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा. सड़क को फोरलेन करने में 1046 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसमें 585 करोड़ जमीन अधिग्रहण में खर्च होगा.
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता निर्माण खण्ड-3 अरविंद कुमार ने बताया कि डीपीआर मुख्यालय में भेजी जा चुकी है. वहां तकनीकी टीम डिजाइन और एलाइनमेंट का आंकलन कर रही है. परीक्षण के बाद शासन में मंजूरी के लिए जाएगा. शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा.
सड़क फोरलेन हो जाने से पिपराइच तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी. वर्तमान में असुरन से लेकर पादरी बाजार और उसके आगे जंगल धूसड़ से लेकर पतरा और पिपराइच तक हर समय जाम की स्थिति रहती है. सर्वाधिक जाम पादरी बाजार और जंगल घूसड़ पर लग रहा है. दोनों बाजार से वाहनों का लोड चार गुना हो गया है. ऐसे में इसके फोरलेन हो जाने से तीन चौराहों पर लगने वाला जाम काफ हद तक हो जाएगा.
महायोजना-2031 को लेकर जीडीए ने फिर मांगी आपत्ति
जीडीए की महायोजना 2031 पर एक बार फिर आपत्ति मांगी गई है. चार सितंबर को लखनऊ में संपन्न बैठक में प्रस्तुत किए गए प्रारूप पर समिति की ओर से अपने विचार बिन्दुवार जीडीए को भेजे गए हैं. कार्यवृत्ति के साथ ये आपत्तियां प्राप्त हो गई हैं. प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश मुख्य नगर नियोजक को दिया है. जल्द ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी. रिपोर्ट के बाद शासकीय समिति की ओर से संशोधित प्रारूप को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. माना जा रहा है कि नई महायोजना प्रभावी होने में दो महीने का समय लग सकता है.
जीडीए बोर्ड से पास कराने के बाद महायोजना के प्रारूप को शासकीय समिति के पास भेज दिया गया था. निकाय चुनाव होने के कारण समिति की बैठक नहीं हो पाई थी. 19 जुलाई को इसकी बैठक हुई और तत्कालीन उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया. कुछ बिन्दुओं पर समिति ने सुधार का निर्देश दिया था. जिसके बाद सुधार कर प्राधिकरण ने रिपोर्ट भेज दी. रिपोर्ट मिलने के बाद समिति ने चार सितंबर को एक बार फिर बैठक बुलाई. सचिव उदय प्रताप सिंह ने बैठक में पहुंचकर महायोजना समिति के समक्ष प्रस्तुत की. अब कुछ बिन्दुओं पर फिर सुझाव देते हुए रिपोर्ट मांगी गई है.
गोरखपुर न्यूज़ डेस्क