Gaziabad घुटने और कमर दर्द के मरीज बढ़े, डीआरटीबी सेंटर में भर्ती नहीं हो रहे मरीज
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क डूंडाहेड़ा अस्पताल में घुटने और कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है.अस्पताल में मरीजों का आंकड़ा भी सैंकड़ा पार कर गया है.सभी चिकित्सकों के कार्यभार संभालने की वजह से अब महिला मरीज भी वापस नहीं लौट रही है और उन्हें स्त्रत्त्ी रोगों का उपचार मिलने लगा है।
50 बेड के डूंडाहेड़ा संयुक्त अस्पताल में 14 डॉक्टरों समेत 20 पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्यभार संभाल लिया है.अस्पताल में नेत्र रोग, नाक-कान-गला, डेंटिस्ट, बाल रोग और फिजिशियन की ओपीडी शुरू हो गई है.अस्पताल में 15 मरीजों की संख्या 100 का आंकड़ा पार कर गया है.फिलहाल अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज सामान्य बीमारी के पहुंच रहे हैं.अस्पताल में बुखार, खांसी, कमर और घुटने के दर्द के साथ शरीर में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं.फिजिशियन की ओपीडी से मरीजों को उपचार दिया जा रहा है और डिस्पेंसरी से दवा दी जा रही है.अस्पताल के सीएमएस डा. अतुल आनंद ने बताया कि डॉक्टरों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है.जल्द ही इमरजेंसी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी.इमरजेंसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी ड्यूटी रहेगी।
डीआरटीबी सेंटर में भर्ती नहीं हो रहे मरीज
टीबी अस्पताल की जर्जर इमारत के पीछे चल रहे डीआरटीबी सेंटर में लाखों रुपए खर्च करने के बाद हर महीने महज 20 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है.जबकि जिले में टीबी मरीजों को भर्ती करने को लेकर एमएमजी अस्पताल और क्षय रोग विभाग में खींचतान बनी रहती है.एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को टीबी लक्षण की वजह से चिन्हित करके टीबी अस्पताल भेजा जाता है.लेकिन ज्यादा गंभीर मरीजों को भर्ती करने की बजाए एमएमजी अस्पताल में मरीजों को भेज दिया जाता है।
गाजियाबाद न्यूज़ डेस्क