Gaziabad चिंताजनक : दिल की मरीज को चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क एमएमजी अस्पताल में दिल की बीमारी से जूझ रही महिला मरीज को चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली. परिजनों का आरोप है कि 102 नंबर पर कई बार फोन किया. हर बार एंबुलेंस नहीं होने की मजबूरी बताई गई. जिले की एंबुलेंस सेवा के स्थानीय प्रभारी को फोन करने पर उपलब्ध हो सकी. इस दौरान मरीज इमरजेंसी में रहीं.
मूलरूप से जिला कासगंज के गांव पटियाली निवासी उम्मेद सिंह चौहान की 37 वर्षीय पत्नी मंजू लता को अक्सर सीने में दर्द होता रहता है. उसने कासगंज में कई बार चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने लखनऊ या दिल्ली ले जाकर मंजू का उपचार कराने की सलाह दी. डॉक्टरों की सलाह पर शाम को उम्मेद अपनी पत्नी मंजू के साथ गांव के ही रहने वाले अशरफ के अर्थला स्थित घर पर ले आया. अशरफ और उनकी पत्नी फरीन दिल की मरीज मंजू को लेकर पुराने महिला अस्पताल के एनसीडी विंग में पहुंचे. जहां उन्होंने ह्दय रोग विशेषज्ञ (कॉर्डियोलॉजिस्ट) डॉ. सुनील कात्याल को सुबह नौ बजे सीने में शिकायत की मरीज मंजू को दिखाया. मरीज के वाइटल चेक करने के बाद उच्च रक्तचाप की शिकायत मिली. चिकित्सक ने ईएमओ डा. डीके वर्मा को कुछ इंजेक्शन बताते हुए मरीज को लगवाने के निर्देश दिए. साथ ही, कॉर्डिक जांच के लिए दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के लिए रेफर कर दिया.
स्थानीय स्तर से मदद मिली : 102 पर कॉल के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिलने पर ईएमओ ने एंबुलेंस सेवा के जिला कोऑर्डिनेटर का मोबाइल नंबर लिया और उन्हें मरीज के बारे में बताया. इसके बाद दिल के मरीज के लिए दोपहर एक बजे एंबुलेंस पहुंची और वह उन्हें जीबी पंत दिल्ली के लेकर रवाना हुई.
लखनऊ से मंजू नामक मरीज के लिए एंबुलेंस के लिए फोन नहीं आया. एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी से फोन आने के बाद मरीज के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करा दी गई. -संजय त्यागी, जिला कोऑर्डिनेटर, एंबुलेंस सेवा
लखनऊ से दूसरा नंबर दिया गया
मरीज के तीमारदारों का आरोप है कि इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने मोबाइल से चार घंटे के दौरान एंबुलेंस सेवा के टोल फ्री नंबर 102 पर पांच से ज्यादा बार कॉल की. हर बार लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से तीमारदार को बताया गया कि गाजियाबाद में कोई भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है. मरीज को ले जाने के लिए एडवांस लाइफ स्पोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस को बुला लें. लखनऊ से तीमारदार को एएलएस का टोल फ्री नंबर भी दिया गया. तीमारदार फरीन का आरोप है कि एएलएस के टोल फ्री नंबर पर भी उन्हें एंबुलेंस नहीं होने की जानकारी दी गई.
गाजियाबाद न्यूज़ डेस्क