Gaziabad डीएम की सख्ती से साढ़े चार घंटे में 56 युवाओं को लोन मिला
उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क युवा उद्यमी विकास योजना के तहत स्वरोजगार के लिए मिलने वाले ब्याज मुक्त ऋण के आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित पड़े हैं. जिलाधिकारी ने योजना की समीक्षा की. लापरवाही सामने आने पर उन्होंने बैंक अधिकारियों को लोन पर निर्णय लेने के बाद ही घर जाने के आदेश दिए. इस सख्ती के बाद साढ़े चार घंटे में 56 युवाओं का लोन पास हो गया.
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने आठवीं पास युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है. इस योजना के लिए जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने विकास भवन में समीक्षा बैठक की. इसमें उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने बताया कि योजना के तहत अब तक जिले में करीब 403 युवाओं ने ऋण के लिए आवेदन किए हैं. जांच के बाद 365 आवेदन ऋण स्वीकार करने योग्य पाए गए. इनको ऋण के लिए बैंकों को भेजा जा रहा. इनमें से बैंक 50 आवेदकों को ऋण मिल चुका है.
बैठक में बैंक अधिकारियों से जवाब मांगा : बैठक का समय शाम चार बजे रखा गया था. इसमें पता चला कि 98 आवेदन सात दिन से लंबित पड़े हैं. जिलाधिकारी से इसको लेकर सभी बैंकों के अधिकारियों से तुरंत ही जवाब मांगा, जिसका बैंक अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था. लापरवाही सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई और निर्देश दिए कि रात नौ बजे तक सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण किया जाए. यदि किसी बैंक के आवेदन निस्तारित नहीं होते वह यहीं रुकेगा और उसके खाने पीने की व्यवस्था की यहीं की जाएगी. बिना आवेदन निस्तारण के कोई भी अधिकारी घर नहीं जाएगा.
21 आवेदनों में कमियां पाई गईं : जिलाधिकारी के निर्देश के बाद बैंक अधिकारी काम में जुट गए और साढ़े चार घंटे में सात दिनों से पहले की सभी 98 फाइल का निस्तारण किया. इनमें से 56 युवाओं का ऋण स्वीकार कर दिया. 21 फाइलों को अस्वीकार किया गया. इसके साथ ही 21 आवेदन अभी तकनीकी खामियों के कारण बैंकों के पास लंबित छोड़े गए.
गाजियाबाद न्यूज़ डेस्क