धौलपुर में भागवत कथा को लेकर विवाद, एक्सक्लूसिव वीडियो में जाने कथावाचक की पत्नी ने दी आत्महत्या की चेतावनी; गांव में बढ़ा तनाव
Dholpur जिले के गेदूपुरा गांव में श्रीमद्भागवत कथा आयोजन को लेकर एक अनोखा और संवेदनशील मामला सामने आया है। कथावाचक Triveni Das Maharaj की पत्नी सीमा ने कथा आयोजन का विरोध करते हुए आत्महत्या की चेतावनी दी है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है और गांव में होने वाले धार्मिक आयोजन पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।जानकारी के अनुसार कौलारी थाना क्षेत्र के गेदूपुरा गांव में पिछले तीन महीनों से श्रीमद्भागवत कथा आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। कथा के लिए आचार्य त्रिवेणी दास महाराज को आमंत्रित किया गया था। लेकिन आयोजन से ठीक पहले उनकी पत्नी सीमा ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर गंभीर चेतावनी दी।
सीमा का आरोप है कि यदि उनके पति उनकी जेठानी के मायके में जाकर कथा करेंगे, तो वह आत्महत्या कर लेंगी। पत्नी की इस चेतावनी के बाद मामला संवेदनशील हो गया और पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन आयोजकों को सलाह दी है कि वे किसी अन्य आचार्य से कथा करवाने पर विचार करें, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। हालांकि गांव के लोग अब धर्मसंकट की स्थिति में फंस गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कथा आयोजन की तैयारियों पर पिछले कई महीनों से मेहनत और खर्च किया गया है, ऐसे में अचानक बदलाव करना आसान नहीं है।
मामले के बाद गांव में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे पारिवारिक विवाद और धार्मिक आयोजन के बीच फंसा हुआ मामला बता रहे हैं। वहीं पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।Rajasthan Police के अधिकारियों का कहना है कि महिला की चेतावनी को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और दोनों पक्षों के बीच शांतिपूर्ण समाधान निकालना है।
ग्रामीणों के अनुसार कथा आयोजन धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है और गांव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने वाले थे। ऐसे में अब लोग असमंजस में हैं कि कथा तय कार्यक्रम के अनुसार होगी या नहीं।सामाजिक और धार्मिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए, ताकि धार्मिक आयोजन और पारिवारिक संबंध दोनों प्रभावित न हों। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और गांव में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस विवाद का समाधान कैसे निकलता है।