×

कुतकपुर गांव के ग्रामीण 220 केवी जीएसएस के विरोध में 168 दिनों से धरने पर, वीडियो में देंखे एसडीएम कार्यालय का घेराव

 

दौसा जिले के महवा क्षेत्र के कुतकपुर गांव में चारागाह भूमि पर 220 केवी जीएसएस (ग्रिड सबस्टेशन) बनाने के विरोध में ग्रामीण पिछले 168 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को ग्रामीणों ने गोवंश और भेड़-बकरियों के साथ पैदल मार्च निकालते हुए एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/7pOnxuJQPFc?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/7pOnxuJQPFc/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

जानकारी के अनुसार, पैदल कूच हिण्डौन रोड स्थित चामुंडा माता मंदिर से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुँचे। उन्होंने एसडीएम मनीषा रेशम को अपने विरोध का ज्ञापन सौंपा और जीएसएस निर्माण को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह भूमि पर जीएसएस बनने से उनकी पशुपालन और चारागाह उपयोग प्रभावित होगा। इसके चलते ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से निर्माण को रोकने की मांग कर रहे हैं।

पूर्व जिला प्रमुख Ajit Singh ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर एक माह के भीतर जीएसएस का आवंटन रद्द नहीं किया गया, तो विधायक जनसुनवाई केंद्र के सामने धरना दिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विरोध केवल अपने अधिकार और पारंपरिक चारागाह की रक्षा के लिए किया जा रहा है। धरने और विरोध प्रदर्शन के बावजूद अब तक अधिकारियों से किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बनी है।

इस घटना ने महवा क्षेत्र में सरकारी परियोजनाओं और स्थानीय निवासियों के हितों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।