दौसा में ट्रैक्टर रैली निकालना पड़ा भारी, वीडियो में जाने सड़क जाम करने पर 14 नामजद समेत 200 लोगों पर केस
दौसा में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और माइनिंग विभाग की कार्रवाई का विरोध करना ट्रैक्टर संचालकों को भारी पड़ गया। ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए जुटे प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने 14 नामजद लोगों समेत करीब 200 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सड़क जाम कर यातायात बाधित करने और समझाइश के बावजूद रास्ता नहीं खोलने के आरोप में की है।
जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर संचालक सोमवार को ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए दौसा के राजेश पायलट स्टेडियम के सामने एकत्रित हुए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर संचालकों को परेशान किया जा रहा है। वे इसी के विरोध में रैली निकालकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखना चाहते थे।
हालांकि, पुलिस ने ट्रैक्टर संचालकों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में ट्रैक्टर संचालक पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जमा हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने गुप्तेश्वर रोड पर पहुंचकर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
कोतवाली थाना इंचार्ज भगवान सहाय की ओर से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, श्रावण माह के तीसरे सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर में मेले का आयोजन था। मेले को देखते हुए पुलिस पहले से ही कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई थी। इसी दौरान गुप्तेश्वर रोड पर करीब 150 से 200 लोग 40 से 50 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंच गए और सड़क पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए सदर, पापड़दा और सैथल थाना पुलिस के साथ आरएसी का जाप्ता भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत कर सड़क से हटने और रास्ता खोलने की अपील की। पुलिस ने समझाया कि सड़क जाम होने से आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते को जाम कर यातायात बाधित करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। इसी आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 14 लोगों को नामजद किया है, जबकि करीब 200 अन्य लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है।
मामले के बाद अब पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों ने सड़क जाम करने और भीड़ को जुटाने में प्रमुख भूमिका निभाई।
वहीं ट्रैक्टर संचालकों की ओर से अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई गई है। उनका कहना है कि उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए वे प्रदर्शन कर रहे थे। दूसरी ओर पुलिस ने कानून व्यवस्था और यातायात बाधित होने को आधार बनाकर कार्रवाई की है।
फिलहाल दौसा में प्रदर्शन के बाद दर्ज हुए इस मुकदमे को लेकर ट्रैक्टर संचालकों और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद बढ़ सकता है। पुलिस की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।