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दौसा के बांदीकुई में 6 साल से लापता प्रिंस की तलाश जारी, खुदाई में पिता की आवाज गूंज रही है

 

राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र से एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। छह साल पहले आंगन से अचानक गायब हुए 6 साल के बच्चे प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब एक ऐसा मोड़ ले चुकी है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे एक निर्माण स्थल पर चल रही खुदाई के बीच प्रिंस के लापता होने की कहानी फिर से उभर कर सामने आई। पिता की आवाज पूरे इलाके में गूंज रही है, जो अपने बेटे की तलाश में बेबस और हताश नजर आ रहे हैं। छह साल पहले जब प्रिंस गायब हुआ था, तब परिवार और पुलिस ने उसकी तलाश सारे इलाके में जारी रखी थी, लेकिन आज तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि खुदाई के दौरान मौके पर विशेष टीम और खोजक कुत्तों के साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पिता लगातार खुदाई स्थल पर बच्चे का नाम पुकारते हुए खड़े हैं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में समय और सतर्कता बहुत अहम होती है। छह साल बाद भी बच्चे की तलाश जारी रहना, परिवार के लिए अवसाद और पीड़ा का कारण बना हुआ है। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी संभावित तरीकों से जांच और खुदाई जारी है, ताकि प्रिंस के बारे में कोई सुराग मिल सके।

पिता का दर्द इस बात से और बढ़ गया कि जिस बेटे को उन्होंने अपनी आंखों के सामने खो दिया था, उसकी तलाश अब गहरी जमीन के भीतर की जा रही है। स्थानीय लोग और मीडिया भी इस अभियान की निगरानी और कवरेज कर रहे हैं।

इस घटनाक्रम ने यह दिखाया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके लापता होने की घटनाओं में समय रहते सही कदम उठाना कितना जरूरी है। परिवार की उम्मीद अभी भी जिंदा है कि उनके बेटे की तलाश का सकारात्मक नतीजा सामने आए।

सुरक्षा विशेषज्ञ और समाजसेवी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बच्चों के लापता होने के मामलों में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए। ऐसा होने पर ऐसे मामलों में तुरंत खोज और बचाव कार्य प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

दौसा के बांदीकुई में प्रिंस की खोज न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए सहानुभूति और चेतावनी का सबक है। इस खोज अभियान की सफलता की उम्मीद सभी कर रहे हैं, ताकि छह साल बाद भी एक पिता और उसके बेटे की कहानी का सुखद अंत सामने आए।