×

दौसा में प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय कार्यशाला, किसानों से अपनाने का किया आह्वान

 

राजस्थान के दौसा जिले में आयोजित प्राकृतिक खेती विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला में कृषि अधिकारियों ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का एक विकल्प नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन का आधार है।

कार्यशाला में मौजूद कृषि अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से न केवल भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक खेती एक सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है।

उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि कैसे कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही जैविक संसाधनों के उपयोग, गोबर खाद, जीवामृत और अन्य प्राकृतिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है, फसल उत्पादन में स्थिरता आती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही किसानों की लागत कम होने से उनकी आय में भी वृद्धि संभव है।

कार्यशाला में किसानों की बड़ी संख्या ने भाग लिया और विशेषज्ञों से विभिन्न सवाल पूछे। किसानों ने भी इस पहल में रुचि दिखाई और इसे धीरे-धीरे अपनाने की बात कही।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आवश्यक मार्गदर्शन लगातार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।

फिलहाल इस पहल को कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।