दौसा में फूड सेफ्टी ट्रेनिंग में अव्यवस्था, वीडियो में देखें क्षमता से चार गुना पहुंचे कर्मचारी, मची अफरा-तफरी
राजस्थान के दौसा जिले में आयोजित फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक कर्मचारियों के पहुंचने के कारण ट्रेनिंग सत्र बाधित हो गया और पूरे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें सरकारी स्कूलों के मिड डे मील प्रभारी और भोजन तैयार करने वाले सभी कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। प्रशासन की ओर से जिलेभर से करीब 2200 शिक्षक और कर्मचारियों को इस ट्रेनिंग के लिए आमंत्रित किया गया था।
तय कार्यक्रम के अनुसार ट्रेनिंग को एक दिन में तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाना था, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सभी प्रतिभागियों को व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके। हालांकि, योजना के विपरीत अधिकांश कर्मचारी एक ही समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गईं।
व्यवस्थाओं की कमी से बढ़ी परेशानी:
कार्यक्रम के लिए बनाए गए सभागार में केवल 250 कुर्सियों की व्यवस्था थी, लेकिन मौके पर करीब एक हजार कर्मचारी एक साथ पहुंच गए। सीमित संसाधनों के कारण बैठने की जगह को लेकर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग खड़े रहकर ही कार्यक्रम में शामिल होने को मजबूर हुए, जबकि कुछ को बाहर ही इंतजार करना पड़ा।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब शाम करीब 4 बजे नाश्ते का समय हुआ। नाश्ता वितरण के दौरान प्लेट लेने के लिए कर्मचारियों की भीड़ टूट पड़ी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान कई लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अटेंडेंस के दौरान भी अव्यवस्था:
अटेंडेंस शीट लेने के दौरान भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। भीड़ अधिक होने के कारण कर्मचारियों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे कुछ महिलाएं गिर भी गईं। हालांकि गंभीर चोट की कोई सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रेनिंग सत्र नहीं हो सका सफल:
तय संख्या से करीब चार गुना अधिक लोगों के पहुंचने के कारण प्रशिक्षण सत्र को सही तरीके से आयोजित नहीं किया जा सका। प्रशिक्षकों को भीड़ को संभालने में ही काफी समय लग गया, जिससे ट्रेनिंग का उद्देश्य अधूरा रह गया।