Darbhanga मुसीबत लंबा हुआ मातृ-शिशु अस्पताल में इलाज का इंतजार
बिहार न्यूज़ डेस्क डीएमसीएच के सौ बेड के मातृ-शिशु अस्पताल में इलाज शुरू होने में अभी और वक्त लगेगा. केवल दरभंगा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की इंतजार की घड़ी लंबी होती जा रही है. नए भवन को अस्पताल प्रशासन के सुपूर्द कर दिया गया है. इधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृ- शिशु अस्पताल में एक ही छत के नीचे जच्चा- बच्चा का इलाज जल्द से जल्द शुरू कराने का दवाब बनाया जा रहा है लेकिन भवन में अभी भी कई कमियां हैं जिन्हें दूर करने में काफी समय लग सकता है.
गायनी विभागाध्यक्ष ने अस्पताल प्रबंधन को कमियों की सूची भेज दी है. इसमें आग्रह किया गया है कि जल्द उन्हें दूर किया जाए ताकि वहां इलाज शुरू किया जा सके. अधीक्षक को भेजे गए पत्र में विभागाध्यक्ष ने कहा है कि नए भवन में मरीजों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं है. गायनी विभाग से एमसीएच तक जाने वाली सड़क का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है. सीओटी में कपड़े धोने के लिए अलग से एक वॉटर टैंक की आवश्यकता है. लेबर रूम में दो वाश बेसिन की जरूरत है. वहां से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है. सेप्टिक लेबर रूम में बेड और उपकरणों की आवश्यकता है.
पत्र में विभागाध्यक्ष ने कहा है कि लेबर रूम के शौचालय में मरीजों के इस्तेमाल के लिए वेस्टर्न स्टाइल के कमोड उपलब्ध हैं. उन्होंने वहां इंडियन स्टाइल की आवश्यकता बताई है. वहीं, उन्होंने कहा है कि लेबर रूम में डॉक्टर और नर्सों के बैठने की व्यवस्था नहीं है. गैलरी में वर्किंग स्टेशन भी उपलब्ध नहीं है. सीओटी में सिस्टर इंचार्ज जे लिए ड्यूटी रूम भी उपलब्ध नहीं है.
कमियों के संबंध में गायनी विभागाध्यक्ष का पत्र मिला है. इनमें से अधिकतर को बीएमएसआईसीएल को दूर करना है. अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द वहां इलाज शुरू कराने को लेकर लगातार प्रयासरत है.
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, उपाधीक्षक
दरभंगा न्यूज़ डेस्क