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घर के बाहर खेल रहे मासूम का कुत्ते ने चेहरा नोचा, वीडियो में देखें छुड़ाने आई बहन तो उसे भी काटा

 

चूरू जिले से एक बार फिर आवारा कुत्तों के हमले की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार को जिले के एक गांव में घर के बाहर खेल रहे एक दो साल के मासूम बच्चे पर अचानक आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे का चेहरा बुरी तरह से घायल हो गया। यह घटना न सिर्फ इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर गई, बल्कि ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना चूरू के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बताया जा रहा है कि दो साल का मासूम अपने घर के बाहर खेल रहा था। उसी दौरान दो से तीन आवारा कुत्ते वहां आ धमके और अचानक बच्चे पर झपट पड़े। मासूम के रोने और चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में ही मौजूद उसके चचेरे भाई और बहन दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह बच्चे को कुत्तों से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उन पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया और उन्हें भी घायल कर दिया।

कुत्तों के हमले से मासूम के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। चचेरे भाई-बहन भी जख्मी हुए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बच्चे की हालत देखकर परिजनों और गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने मिलकर उस कुत्ते को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला।

घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्चे को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि मासूम के चेहरे पर कई जगह गहरे जख्म हैं और प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा कुत्तों का आतंक काफी समय से बढ़ता जा रहा है। कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आए दिन कुत्तों के हमले से बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत गांव में आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करे।

उधर, इस घटना के बाद पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से भी बयान सामने आ सकते हैं। लेकिन फिलहाल गांव में मासूम पर हुए हमले को लेकर आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं।

यह पहली घटना नहीं है जब आवारा कुत्तों ने किसी मासूम को अपना निशाना बनाया हो। प्रदेश के कई हिस्सों से लगातार इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर मासूम इसी तरह इन हमलों का शिकार होते रहेंगे?

ग्रामीणों की यह भी मांग है कि प्रशासन जागे और समय रहते प्रभावी कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं न हों।