चूरू में नीलगाय और हिरणों के लिए ‘डेथ जोन’ बना बीड़, वीडियो में देंखे आवारा कुत्तों के झुंड से वन्यजीवों पर खतरा
राजस्थान के चूरू जिले में गाजसर गेनानी तालाब के आसपास का बीड़ क्षेत्र अब वन्यजीवों के लिए खतरनाक साबित होता जा रहा है। यहां 50 से ज्यादा आवारा कुत्तों का झुंड नीलगाय और चिंकारा हिरणों के लिए आतंक बन चुका है। पिछले चार-पांच दिनों में ही तीन नीलगाय इन कुत्तों का शिकार बन चुकी हैं।स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, क्षेत्र में चिंकारा हिरणों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है। आवारा कुत्तों का हमला करने का तरीका बेहद खतरनाक और चौंकाने वाला बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कुत्ते झुंड बनाकर पहले नीलगाय या हिरण को घेरते हैं और उन्हें डराकर गेनानी तालाब की ओर भगाते हैं। जान बचाने के प्रयास में जब वन्यजीव पानी की ओर भागते हैं, तब कुत्ते उन पर हमला कर देते हैं। कई बार कुत्तों के काटने से गंभीर रूप से घायल होने या पानी में डूबने के कारण नीलगाय की मौत हो जाती है। इसके बाद यही कुत्ते मृत जानवर को अपना भोजन बना लेते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बीड़ क्षेत्र पहले वन्यजीवों की सुरक्षित शरणस्थली माना जाता था, लेकिन अब यहां वन्यजीव लगातार हमलों का शिकार हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो क्षेत्र में नीलगाय और चिंकारा जैसे वन्यजीवों की संख्या तेजी से घट सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रीट डॉग्स के बढ़ते झुंड अब कई इलाकों में वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बीड़ क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं। फिलहाल इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।