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चूरू: नाबालिग बालक की हत्या, आरोपी मौलवी गिरफ्तार, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

 

जिले में शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया। चूरू कोतवाली पुलिस ने नाबालिग 10 वर्षीय बालक के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए आरोपी मौलवी मोहम्मद हुसैन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बालक की बहन पर लंबे समय से आपत्तिजनक नजर रखता था और आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ करता था।

पुलिस ने बताया कि हत्या का मामला बेहद चिंताजनक और संवेदनशील है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने अपनी आपराधिक प्रवृत्ति और बच्चों के प्रति गलत इरादों को छुपाने के लिए मासूम बालक को निशाना बनाया। हत्या की घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।

चूरू कोतवाली के पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने गहन पूछताछ और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मौलवी पर गंभीर आरोप हैं और उसके खिलाफ बाल सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पूरे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है। लोग यह सोचकर सन्न हैं कि कोई धार्मिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति, जिसे समाज में सम्मान मिलता है, बच्चों के प्रति इतना घातक कदम उठा सकता है। पड़ोसियों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि ऐसे अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज और परिवार को बेहद जागरूक रहना होगा। ऐसे मामलों में समय पर बच्चों की शिकायत सुनना, स्कूल और समाज में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना जरूरी है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी मौलवी मोहम्मद हुसैन ने पहले भी बच्चों और महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हरकतें की थीं, लेकिन यह पहली बार है कि यह मामला इतनी गंभीर स्थिति में पहुंचा। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी का उद्देश्य सिर्फ बालक की हत्या करना नहीं था, बल्कि बहन के प्रति उसके गलत इरादों को दबाने और छुपाने का था।

पीड़ित परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। बालक की मौत ने परिवार को असीम दुख में डाल दिया है और उनके छोटे भाई-बहन के लिए सुरक्षा का बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है। पुलिस ने परिवार को मानसिक सहारा देने की कोशिश की है और समुदाय से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।

इस घटना ने यह भी दिखाया है कि समाज में धार्मिक प्रतिष्ठा या सामाजिक सम्मान किसी व्यक्ति को अपराध से रोकने का पैमाना नहीं बन सकता। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए कड़े कानून और समय पर कार्रवाई की जरूरत है।

चूरू पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है और आरोपी की मानसिकता, उसके पिछले कृत्यों और इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को उजागर कर रही है। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अपराधियों को किसी भी हाल में छूट नहीं दी जाएगी और न्याय की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।