चित्तौड़गढ़ में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला, वीडियो में देंखे पुलवामा अटैक में नाम आने की धमकी देकर बुजुर्ग दंपती को 72 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग दंपती को करीब 72 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने दंपती को धमकाया कि उनका नाम पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके बैंक खाते में करीब 3 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है।
जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने फोन कॉल के जरिए बुजुर्ग दंपती को डराया और खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा। ठगों ने दंपती से कहा कि मामला बेहद गंभीर है और जांच पूरी होने तक उन्हें किसी से बात करने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दंपती को अपने फोन को टेबल पर रखने के लिए कहा ताकि वे लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकें।
तीन दिनों तक ठग फोन कॉल और वीडियो कॉल के माध्यम से दंपती को निर्देश देते रहे। इस दौरान उन्होंने दंपती को यह भी विश्वास दिलाया कि वे एक आधिकारिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
साइबर ठगों ने दंपती को बताया कि उनके खाते में 3 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है और इस मामले की जांच के लिए उन्हें अपनी बैंक डिटेल्स और आर्थिक जानकारी देनी होगी। लगातार दबाव और डर के कारण दंपती मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए।
तीसरे दिन ठगों ने दंपती से कहा कि उन्हें अपनी 15 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वाकर पैसे एक विशेष खाते में ट्रांसफर करने होंगे, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके। दंपती जैसे ही बैंक जाकर एफडी तुड़वाने और रकम ट्रांसफर करने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें अचानक शक हुआ कि पुलिस किसी अज्ञात खाते में पैसे क्यों डलवाएगी।
इसके बाद दंपती ने चुपके से दूसरे फोन से अपनी बेटी को कॉल किया और पूरी घटना के बारे में बताया। बेटी ने तुरंत समझ लिया कि यह एक साइबर फ्रॉड है। उसने अपने माता-पिता को तुरंत ठगों का नंबर ब्लॉक करने और उनसे संपर्क बंद करने की सलाह दी।
इसके बाद दंपती ने राहत की सांस ली और किसी तरह बड़ी आर्थिक ठगी से बच गए। घटना के बाद पीड़ित महिला ने चित्तौड़गढ़ के साइबर थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ठगों के नंबर तथा बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल या संदेश पर तुरंत विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसे मांगता है या धमकी देता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।