रील और ‘सेव’ वाले चुनावी गाने ने दिलाई जीत, वीडियो में जाने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 630 वोट से विजयी
बीकानेर नगर निगम के वार्ड 44 में इस बार चुनावी प्रचार का अंदाज बाकी वार्डों से अलग नजर आया। यहां निर्दलीय प्रत्याशी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शुभकरण गहलोत ने रील्स और चुनावी गाने के जरिए प्रचार किया और 630 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के मनोज नागल को हराया, जबकि बीजेपी के दीनदयाल स्वामी तीसरे स्थान पर रहे।चुनाव के दौरान शुभकरण गहलोत का चुनाव प्रचार सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा। उनकी टीम ने चुनाव चिन्ह ‘सेव’ को केंद्र में रखते हुए खास चुनावी गीत तैयार किया। ‘आजा सेव जीते... शुभजी जीते...’ बोल वाले इस गाने पर बनाई गई रील्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुईं। कई रील्स को 2 से 3 लाख तक व्यूज मिलने की बात सामने आई।
‘सेव’ बना प्रचार का सबसे बड़ा हथियार
शुभकरण गहलोत को चुनाव में ‘सेव’ चुनाव चिन्ह मिला था। उनकी टीम ने इसी चुनाव चिन्ह को प्रचार का मुख्य हिस्सा बना दिया। बीकानेरी अंदाज में तैयार किए गए गाने के बोल, संगीत और आवाज के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई।गाने के साथ लगातार रील्स बनाई गईं और इन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। स्थानीय स्तर पर यह प्रचार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। चुनाव प्रचार के दौरान ‘सेव’ और ‘शुभजी’ को जोड़कर बनाए गए नारों और वीडियो ने उनकी पहचान को और मजबूत किया।
जीत के 24 घंटे बाद शुरू किया ‘वार्ड मित्र 44’
चुनाव जीतने के बाद शुभकरण गहलोत ने वार्ड की समस्याओं को लेकर भी पहल शुरू कर दी। जीत के करीब 24 घंटे बाद उन्होंने ‘वार्ड मित्र 44’ नाम से एक पोर्टल लॉन्च किया। इसके जरिए वार्ड के लोग अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।पोर्टल शुरू करने का उद्देश्य वार्डवासियों की शिकायतों और समस्या को एक जगह दर्ज करना और उनके समाधान की दिशा में काम करना बताया गया है। इससे लोगों को अपनी समस्या संबंधित प्रतिनिधि तक पहुंचाने के लिए एक डिजिटल माध्यम मिलेगा।
रविंद्र सिंह भाटी से बातचीत का वीडियो वायरल
शुभकरण गहलोत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बाड़मेर के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भाटी उन्हें जीत की बधाई देते हुए कहते हैं कि उन्होंने कमाल कर दिया और उन्हें ‘सेब के ब्रांड एम्बेसडर’ बताया।दरअसल, रविंद्र सिंह भाटी का चुनाव चिन्ह भी ‘सेब’ रहा है, जबकि बीकानेर नगर निगम चुनाव में शुभकरण गहलोत को ‘सेव’ चुनाव चिन्ह मिला था। इसी समानता को शुभकरण की टीम ने प्रचार में इस्तेमाल किया और चुनाव चिन्ह को लेकर लोगों के बीच एक अलग तरह की पहचान बनाई।
सोशल मीडिया प्रचार का दिखा अलग अंदाज
वार्ड 44 का चुनाव परिणाम स्थानीय चुनावों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण भी बनकर सामने आया है। पारंपरिक प्रचार के साथ शुभकरण गहलोत ने रील्स, स्थानीय भाषा और संगीत को चुनाव प्रचार का माध्यम बनाया। उनके समर्थकों ने भी इन वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया।630 वोटों से जीत के बाद अब उनकी चुनौती चुनावी प्रचार से आगे वार्ड की समस्याओं पर काम करने की होगी। ‘वार्ड मित्र 44’ पोर्टल की शुरुआत इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया से बनाई गई यह पहचान वार्ड के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में किस तरह दिखाई देती है।