राजस्थान में दुर्लभ नजारा, वीडियो में देंखे बीकानेर-जैसलमेर में एक साथ 2200 स्टेपी ईगल का डेरा, विशेषज्ञ हैरान
राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में इस बार प्रवासी पक्षियों का एक असाधारण दृश्य देखने को मिल रहा है। ईरान-इजराइल युद्ध और मध्य एशिया में बदलते हालातों के बीच पहली बार एक साथ करीब 2200 स्टेपी ईगल (बाज) ने बीकानेर के जोड़बीड़ क्षेत्र में अपना अस्थायी ठिकाना बनाया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी बताई जा रही है। पिछली बार इसी क्षेत्र में करीब 1200 स्टेपी ईगल देखे गए थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, रूस और मंगोलिया से उड़ान भरकर ये प्रवासी बाज हर साल ईरान और इराक की दिशा में जाते हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियों में बदलाव के कारण इनका मार्ग प्रभावित हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, इन पक्षियों के दो बड़े समूह राजस्थान पहुंचे हैं, जिनमें से एक ने बीकानेर के जोबीड़ क्षेत्र में और दूसरा जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में डेरा डाला है। डेजर्ट नेशनल पार्क में भी इनकी संख्या करीब 1700 बताई जा रही है। पक्षी विशेषज्ञ इस असामान्य संख्या को देखकर हैरान हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर एक साथ स्टेपी ईगल का इस क्षेत्र में रुकना दुर्लभ घटना है।सबसे खास बात यह है कि इन प्रवासी पक्षियों में करीब 70 प्रतिशत जुवेनाइल (किशोर) स्टेपी ईगल शामिल हैं, जिनकी उम्र दो साल से कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण इनके प्राकृतिक आवास और सुरक्षित प्रवास मार्ग प्रभावित हुए हैं।
इसके चलते ये पक्षी उन क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित वातावरण और अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं। राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर जैसे क्षेत्र उनके लिए एक सुरक्षित ठिकाना साबित हो रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह घटना पर्यावरणीय और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच प्रवासी पक्षियों के व्यवहार में आए बदलाव का संकेत है। फिलहाल दोनों क्षेत्रों में इन दुर्लभ पक्षियों की निगरानी की जा रही है ताकि इनके संरक्षण और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।