बीकानेर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर हमला, युवक ने लाठी से पैर तोड़ दिया
राजस्थान के बीकानेर में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल किशनाराम कायल पर मंगलवार को एक युवक ने हमला कर दिया। घटना तब हुई जब युवक अधूरे जाति प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर कराने स्कूल आया था सूचना के अनुसार, प्रिंसिपल ने प्रमाण-पत्र की जांच के बाद हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके बाद युवक ने गुस्से में प्रिंसिपल को गालियां दी और चाय का भगौना फेंक दिया। इसके बाद उसने प्रिंसिपल के पैरों पर लाठी से वार कर दिया, जिससे प्रिंसिपल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रिंसिपल को निकटतम अस्पताल भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी चोटों की गंभीरता को देखते हुए उनका इलाज शुरू किया।
स्थानीय पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़कर हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी पहलुओं, खासकर युवक की मानसिक स्थिति और उसके मकसद की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं में सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। स्कूल और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
स्थानीय लोग और शिक्षक संघ इस घटना की निंदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल जैसे वरिष्ठ कर्मचारी पर हमला केवल व्यक्तिगत हिंसा नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा है। इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि सरकारी दस्तावेज़ और प्रमाण-पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान कर्मचारियों को बार-बार धमकियों और हिंसा का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे।
बीकानेर जिला प्रशासन ने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जा रही है और दोषी को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। साथ ही, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा बढ़ाने और स्कूलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला न केवल बीकानेर, बल्कि पूरे राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।