बीकानेर मेयर चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, मकसूद अहमद और नवरतन डागा को पुलिस नोटिस
बीकानेर नगर निगम में 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मतदान से ठीक पहले कांग्रेस के दो पार्षदों से जुड़े पुलिस नोटिस सामने आने के बाद चुनावी माहौल गरमा गया। वार्ड 18 से कांग्रेस पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद को कोटगेट थाना पुलिस ने पुराने मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया, जबकि वार्ड 50 से पार्षद नवरतन डागा को सदर थाना पुलिस ने मतदान वाले दिन ही सुबह 10 बजे थाने में उपस्थित होने का नोटिस दिया।
मकसूद अहमद को कोटगेट थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने प्रकरण में पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया था। दूसरी ओर नवरतन डागा के मामले में पुलिस नोटिस में उन्हें 21 सितंबर की सुबह 10 बजे जांच में शामिल होने के लिए थाने बुलाया गया। खास बात यह रही कि नगर निगम में मेयर पद के लिए मतदान भी सुबह 10 बजे से ही शुरू होना था। ऐसे में नोटिस की टाइमिंग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए।
बीकानेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। हालिया निकाय चुनाव में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27 और निर्दलीय व अन्य उम्मीदवारों के 11 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में मेयर चुनाव के लिए पार्षदों के वोट महत्वपूर्ण हैं और मतदान से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
नवरतन डागा वार्ड 50 से कांग्रेस के पार्षद हैं। मेयर पद की दावेदारी को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा था। पार्टी की ओर से अनिल कल्ला को अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया।
इसी बीच मकसूद अहमद को लेकर मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच गया। गिरफ्तारी की आशंका को लेकर दायर याचिका पर रविवार देर रात विशेष सुनवाई हुई। रिपोर्टों के अनुसार, हाईकोर्ट ने मकसूद अहमद को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, ताकि वह मेयर चुनाव में मतदान कर सकें। यह सुनवाई देर रात तक चली और चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।
मेयर चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजरें पार्षदों के मतदान पर टिकी हैं। मतदान के बाद मतगणना होगी और इसके साथ ही बीकानेर नगर निगम के नए मेयर का फैसला हो जाएगा। फिलहाल पुलिस नोटिस, हाईकोर्ट की अंतरिम राहत और मतदान से पहले बदले घटनाक्रम ने बीकानेर के मेयर चुनाव को चर्चा में ला दिया है।
वहीं पुलिस की ओर से जारी नोटिसों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक समय को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस कार्रवाई संबंधित मामलों की जांच की प्रक्रिया के तहत होने की बात सामने आई है। ऐसे में चुनाव परिणाम के साथ-साथ इन कानूनी मामलों की आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।