महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिका का युद्धाभ्यास, वीडियो में जाने अपाचे हेलिकॉप्टर ने साधे काल्पनिक दुश्मन के ठिकाने
राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास चल रहा है। ‘युद्ध अभ्यास-2026’ के तहत दोनों देशों के सैनिक रेगिस्तानी इलाके में आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीकों के साथ इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल कर रहे हैं। इस अभ्यास में भारतीय और अमेरिकी जवानों के साथ AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान रेगिस्तानी परिस्थितियों में दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर विभिन्न सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं। अभ्यास में आर्टिलरी, रॉकेट सिस्टम, एयर डिफेंस, काउंटर ड्रोन तकनीक और एविएशन क्षमताओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सैन्य संसाधनों को एक साथ इस्तेमाल करते हुए संयुक्त अभियान की क्षमता को मजबूत करना है।अभ्यास में M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, स्वदेशी धनुष 155 एमएम तोप और पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर के साथ फायरिंग ड्रिल भी की जा रही है। इन हथियार प्रणालियों के जरिए रेगिस्तानी क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों पर फायरिंग का अभ्यास किया जा रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के सैनिक एयर सपोर्ट और ग्राउंड फोर्स के बीच बेहतर समन्वय की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
युद्धाभ्यास से जुड़े सामने आए वीडियो में AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर की कार्रवाई भी दिखाई दे रही है। वीडियो में अपाचे हेलिकॉप्टर जमीन पर दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों को निशाना बनाते नजर आ रहे हैं। हेलिकॉप्टर से निर्धारित लक्ष्यों पर पिन पॉइंट अटैक की ड्रिल की जा रही है। एक अन्य वीडियो में दो हेलिकॉप्टर तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ते और निर्धारित टारगेट पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं।इस युद्धाभ्यास की खासियत केवल अलग-अलग हथियारों की फायरिंग तक सीमित नहीं है। दोनों देशों की सेनाएं यह भी अभ्यास कर रही हैं कि अलग-अलग हथियार प्रणालियों, हेलिकॉप्टरों, आर्टिलरी और एयर डिफेंस संसाधनों को एक ही ऑपरेशन में किस तरह प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
रेगिस्तानी इलाके में होने वाला यह अभ्यास सैनिकों को कठिन भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में संयुक्त अभियान का अनुभव भी देता है। इसमें जमीनी सैनिकों और हवाई संसाधनों के बीच तालमेल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।भारत और अमेरिका के बीच होने वाला ‘युद्ध अभ्यास’ दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन क्षमता और आपसी सैन्य सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। ‘युद्ध अभ्यास-2026’ में आधुनिक हथियार प्रणालियों और तकनीकों के साथ हो रही इंटीग्रेटेड ड्रिल के जरिए दोनों सेनाएं एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को समझने का अभ्यास कर रही हैं।