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बीकानेर में होली उत्सव का पारंपरिक आगाज, मां नागणेचीजी मंदिर में गूंजा फाग धमाल

 

बीकानेर में होली का रंग अब धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। शहर में होली उत्सव का पारंपरिक आगाज बीकानेर राजघराने की कुलदेवी मां नागणेचीजी मंदिर से विधिवत रूप से हो गया। मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के बीच परंपरागत फाग धमाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने भाग लिया।

मंदिर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, चंग की थाप और भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवी हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों और श्रद्धालुओं ने फाग गीतों पर जमकर नृत्य किया और होली के स्वागत का संदेश दिया। मंदिर परिसर में रंग, संगीत और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

बीकानेर में हर साल होली उत्सव की शुरुआत मां नागणेचीजी के मंदिर से ही होती है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और राजघराने से जुड़े सदस्य भी इस आयोजन में विशेष रूप से शामिल होते हैं। इस आयोजन को बीकानेर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

फाग धमाल के दौरान श्रद्धालुओं ने मां नागणेचीजी के दर्शन कर प्रदेश और शहर की खुशहाली की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पारंपरिक फाग गीत गाए गए, जिससे माहौल पूरी तरह होलीमय हो गया। चंग की थाप पर युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आयोजन के साथ ही बीकानेर में होली के विभिन्न पारंपरिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाती है। आने वाले दिनों में शहर में कई सांस्कृतिक आयोजन, फाग उत्सव और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

बीकानेर की होली पूरे देश में अपनी खास परंपराओं और उत्साह के लिए जानी जाती है। यहां होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का प्रतीक भी है। मां नागणेचीजी मंदिर में आयोजित फाग धमाल ने एक बार फिर इस परंपरा को जीवंत कर दिया और होली के आगमन का संदेश पूरे शहर में फैला दिया।