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भारत-पाक सीजफायर के बाद बीकानेर में ब्लैकआउट पर अब होगा निर्णय, वीडियो में देखें स्कूल-कॉलेज और कोचिंग पर होगा फैसला

 

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनावपूर्ण हालातों के बीच राजस्थान के बीकानेर जिले में जनजीवन फिलहाल पूरी तरह सामान्य बना हुआ है। बाजारों में हर रोज की तरह दुकानें खुल रही हैं और लोगों की आवाजाही तथा रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। हालांकि, एहतियातन जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए कुछ निर्देश अभी भी लागू हैं, जिनमें सबसे अहम स्कूल-कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का आदेश है।

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जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार, शिक्षा संस्थानों को तब तक बंद रखा जाएगा जब तक केंद्र सरकार की ओर से नई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हो जाते। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का फैसला किया है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

ब्लैकआउट को लेकर भी लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है। वर्तमान में हर शाम 7 बजे के बाद दुकानों को बंद करने और लाइटें बुझा देने का निर्देश लागू है। यह ब्लैकआउट आदेश एहतियात के तौर पर जारी किया गया था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सूत्रों के मुताबिक, अगर सोमवार शाम तक जिला कलेक्टर की ओर से नया आदेश जारी किया जाता है, तो ब्लैकआउट की आवश्यकता नहीं होगी और बाजार देर शाम तक खुले रह सकते हैं। लेकिन यदि कोई आदेश नहीं आता, तो सोमवार को भी शाम 7 बजे के बाद सभी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी और ब्लैकआउट जारी रहेगा।

बीकानेर प्रशासन की ओर से लोगों को शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष गश्त बढ़ा दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है।

व्यापारियों और आम लोगों ने प्रशासन की सतर्कता की सराहना की है। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “स्थिति सामान्य है, लेकिन हमें भी अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखना है। प्रशासन जो कहेगा, हम उसका पालन करेंगे।”

बच्चों के माता-पिता भी स्कूल-कॉलेज बंद रहने से थोड़े असमंजस में हैं, लेकिन उनका मानना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। एक अभिभावक ने कहा, “अगर हालात सामान्य बने रहे तो हम चाहेंगे कि जल्द ही शिक्षा व्यवस्था फिर से बहाल हो।”

फिलहाल प्रशासन की नजर हालात पर बनी हुई है, और आज शाम तक स्थिति को लेकर एक अहम फैसला आ सकता है। जिलेवासियों की निगाहें जिला कलेक्टर के संभावित आदेश पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों की दिशा तय करेगा।