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भीलवाड़ा में बच्चों की जिद के आगे झुका प्रशासन, एक्सक्लुसीव फुटेज में देखें लेक्चरर की वापसी से खत्म हुआ 5 दिन का धरना

 

भीलवाड़ा जिले के नंदराय कस्बे में छात्रों की जिद और एकजुटता के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। बच्चों की मांग को स्वीकार करते हुए प्रशासन ने भूगोल विषय के लेक्चरर शंकरलाल जाट को फिर से डेपुटेशन पर उसी स्कूल में नियुक्त कर दिया, जहां से उनका ट्रांसफर किया गया था। लेक्चरर की वापसी के बाद शुक्रवार को पांच दिनों से जारी छात्र धरना समाप्त हो गया।

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शुक्रवार सुबह लेक्चरर शंकरलाल जाट स्कूल पहुंचे और धरने पर बैठे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि इस तरह का माहौल ठीक नहीं है और सभी को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। लेक्चरर के समझाने के बाद छात्रों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही 12 जनवरी से चल रहा यह आंदोलन शांतिपूर्वक खत्म हो गया।

इससे पहले शुक्रवार सुबह प्रशासन ने धरने पर बैठे बच्चों को स्कूल के बाहर से हटा दिया था। मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया और धरने के लिए लगाए गए टेंट भी हटा दिए गए। इसके बाद छात्र-छात्राएं स्कूल के पास स्थित एक मंदिर के बाहर इकट्ठा होकर धरने पर बैठ गए थे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे।

दरअसल, 11 जनवरी को नंदराय कस्बे के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में पदस्थापित भूगोल के लेक्चरर शंकरलाल जाट का ट्रांसफर भीलवाड़ा शहर के राजेंद्र मार्ग स्थित स्कूल में कर दिया गया था। इस फैसले से स्कूल के छात्र-छात्राएं नाराज हो गए। उनका कहना था कि शंकरलाल जाट पढ़ाने के तरीके और बच्चों से जुड़ाव के कारण बेहद लोकप्रिय हैं और उनके जाने से पढ़ाई प्रभावित होगी।

लेक्चरर के ट्रांसफर के विरोध में 12 जनवरी को शाम करीब 4 बजे छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। धीरे-धीरे यह धरना लगातार पांच दिनों तक चलता रहा। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक उनके प्रिय शिक्षक को वापस नहीं लाया जाएगा, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। इस दौरान कई अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी छात्रों का समर्थन किया।

धरने के चलते शिक्षा विभाग और प्रशासन पर लगातार दबाव बनता गया। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और स्थिति और न बिगड़े, इसे देखते हुए आखिरकार प्रशासन ने लेक्चरर शंकरलाल जाट को दोबारा उसी स्कूल में डेपुटेशन पर लगाने का निर्णय लिया। जैसे ही यह सूचना छात्रों तक पहुंची, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।

लेक्चरर शंकरलाल जाट ने छात्रों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा पढ़ाई में लगाएं और भविष्य को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। उन्होंने छात्रों के प्यार और समर्थन के लिए आभार भी जताया। वहीं, धरना समाप्त होने के बाद स्कूल में सामान्य शैक्षणिक माहौल बहाल हो गया।

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि यदि छात्र एकजुट होकर अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखते हैं, तो प्रशासन को भी उनकी भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है। नंदराय कस्बे में यह घटना लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।