भीलवाड़ा में पुल से नीचे गिरी कार, वीडियो में देखें 2 की मौत 5 घायल, दर्शन कर लौट रहे परिवार पर दर्दनाक हादसा
जिले के गुलाबपुरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-148 पर रविवार को एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक कार पुल से नीचे गिर गई। यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब सावरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे एक परिवार के साथ यह गाड़ी तेज़ रफ्तार में अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। पुलिस के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पाँच लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
पुलिस ने बताया कि यह हादसा विजय नगर के पास घुलबपुरा थाना क्षेत्र में हुआ। कार में सात लोग सवार थे, जो चित्तौड़गढ़ से सावरिया सेठ मंदिर के दर्शन कर लाम्बा हरीसिंह (टनक) क्षेत्र अपने घर लौट रहे थे। गाड़ी अचानक नियंत्रण खो बैठी और पुल से नीचे गिर गई, जिससे मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चालक नौरत और परिवार की सदस्य इंदिरा शामिल हैं।
घायलों की स्थिति
हादसे में पाँच अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका निकटस्थ अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार घायलों में कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल परिसर में घायल परिजनों और अन्य लोगों का आना-जाना लगा हुआ है।
आश्चर्यजनक विवरण और सुरक्षा की मांग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, तब काफी तेज़ रफ्तार और संभवतः सड़क के उबड़-खाबड़ हिस्सों की वजह से वाहन का संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि यह स्थान दुर्घटना के लिहाज़ से संवेदनशील है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता है।
आक्रमक मौसम या मानवीय गलती — जांच की जा रही
पुलिस ने कहा है कि हादसे के कारणों की पूरी जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह लग रहा है कि तेज़ रफ्तार, गाड़ी का नियंत्रण खो देना या ड्राइवर की चूक इस हादसे का मुख्य कारण हो सकता है। कुछ सुराग एकत्र करने के लिए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान को भी खंगाला है।
परिवार और समाज पर असर
यह हादसा एक तीव्र शोक और बेचैनी का कारण बन गया है, क्योंकि परिवार सावरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहा था। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन से सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतज़ाम की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ दोबारा न हों।